इंदौर में साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पुलिस ने 5.90 करोड़ रुपये वापस कराए
इंदौर में साइबर ठगी के मामलों के बीच क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5.90 करोड़ रुपये पीड़ितों के खातों में वापस कराए हैं और 10 हजार से अधिक खाते फ्रीज किए हैं।
इंदौर में साइबर ठगों ने इस साल लोगों को 60 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगाने का प्रयास किया, लेकिन क्राइम ब्रांच की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से हजारों पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है। इस साल जनवरी से अगस्त 2026 तक क्राइम ब्रांच के पास साइबर फ्रॉड से जुड़ी करीब 7,000 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 400 से अधिक मामलों में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 5 करोड़ 90 लाख 4685 रुपये की बड़ी रकम सुरक्षित कर ली और इसे सीधे आवेदकों के खातों में वापस पहुंचाया। इसके अलावा, 200 से अधिक मामलों में लगभग 1.20 करोड़ रुपये वापस कराने के लिए न्यायालय से ऑर्डर प्राप्त कर संबंधित बैंकों को ई-मेल भेजे जा चुके हैं, जो जल्द ही पीड़ितों को मिल जाएंगे।
🔒 10 हजार से अधिक बैंक खाते फ्रीज, डिजिटल अरेस्ट और एआई डीपफेक फ्रॉड से बचने के लिए 1930 पर करें शिकायत
एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया ने बताया कि ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने के लिए पुलिस ने 10 हजार से ज्यादा बैंक खातों को फ्रीज या लीन कराया है। साथ ही, 80 से अधिक मोबाइल नंबर और 15 से ज्यादा आईएमईआइ नंबर ब्लॉक किए गए हैं। ठगों द्वारा मैलिशियस एपीके फाइल, इन्वेस्टमेंट टास्क फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, और एआई डीपफेक या वॉयस क्लोनिंग जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगा जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर बिना देर किए तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या इंदौर पुलिस की साइबर हेल्पलाइन 704912-4445 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)