जीत गई मां की जिद! पीठ पर बैठाकर स्कूल ले जाने वाली मां के दिव्यांग बेटे को मिली इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल
शहडोल में दिव्यांग बेटे को पीठ पर स्कूल ले जाने वाली मां की जिद जीत गई। प्रशासन ने 12वीं के छात्र राजकुमार को इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से बीते दिनों दिल को झकझोर देने वाली और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई थी। जिसमें एक लाचार मां अपने 80 फीसदी दिव्यांग बेटे को रोजाना अपनी पीठ पर बैठाकर स्कूल ले जाती नजर आ रही थी। अब अपने बच्चे को शिक्षित बनाने की मां की अटूट जिद की जीत हुई है। सोशल मीडिया और मीडिया में खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और छात्र व उसकी मां की समस्याओं का स्थायी समाधान कर दिया है।
🚲 चेहरे पर खुशी और आंखों में बेहतर भविष्य का सपना, राजकुमार को मिली ट्राई साइकिल
चेहरे पर एक नई उम्मीद और सफलता की खुशी के साथ इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल हासिल करने के बाद प्रशासन का धन्यवाद कर रहा यह होनहार छात्र कक्षा 12वीं का राजकुमार जायसवाल है।
इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल मिलने के बाद भावुक हुए दिव्यांग छात्र राजकुमार जायसवाल ने बताया, "मैं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झींक में 12वीं कक्षा में पढ़ाई करता हूं। शारीरिक अक्षमता के बावजूद मेरा जिंदगी में कुछ बेहतर करने और बड़ा इंसान बनने का सपना है, ताकि मैं पढ़ाई पूरी कर अपनी मां की गरीबी को दूर कर सकूं और उनकी हर संभव मदद कर सकूं।"
🏫 बस पास और हॉस्टल की भी मिलेगी सुविधा, कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने दिए निर्देश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शहडोल जिला कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने बताया, "राजकुमार 12वीं कक्षा का एक मेधावी छात्र है, जो 80% से अधिक दिव्यांग है। स्कूल आने-जाने में उसकी मां ही उसका एकमात्र सहारा बनती थी। तस्वीर संज्ञान में आते ही सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से उसे तत्काल इलेक्ट्रॉनिक ट्राई साइकिल उपलब्ध करा दी गई है। इसके साथ ही छात्र को बस किराए में छूट के लिए पास और हॉस्टल में रहने की समुचित व्यवस्था कराने हेतु अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।"
🤝 विधायक जयसिंह मरावी ने भी लिया संज्ञान, दर्शीला गांव के छात्र की मदद को आगे आए
वहीं जैतपुर विधायक जय सिंह मरावी ने बताया कि जैसे ही चार-पांच दिन पहले उन्हें इस मामले और दर्शीला गांव के इस परिवार की स्थिति की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल संबंधित विभागीय अधिकारियों को फोन कर राजकुमार के लिए इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल स्वीकृत करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि दर्शीला गांव के ग्रामीण लगातार उनके संपर्क में रहते हैं और छात्र को आगे भी हर संभव शासकीय मदद दिलाई जाएगी।
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