$15 ट्रिलियन सोवेरिन वेल्थ के लिए नया फ्रेमवर्क, UPI और CBDC कनेक्टिविटी पर बड़ा फैसला
नई दिल्ली में आयोजित iBRICS Summit 2026 में $15 ट्रिलियन सोवेरिन वेल्थ के लिए DART Charter लॉन्च हुआ। UPI, CBDC और डिजिटल एसेट्स से बदलेगा ग्लोबल साउथ।
नई दिल्ली। राजधानी नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को आयोजित iBRICS Summit 2026 ने वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में ग्लोबल साउथ की बढ़ती भूमिका को एक नई दिशा देने का काम किया है।
इस दो दिवसीय ऐतिहासिक सम्मेलन में दुनिया भर से 500 से अधिक शीर्ष संस्थागत निवेशकों, वित्त मंत्रियों और दिग्गज कारोबारी नेताओं ने हिस्सा लिया। समिट का मुख्य आकर्षण 'iBRICS DART Charter' रहा, जिस पर सार्वजनिक रूप से हस्ताक्षर किए गए। इसे डिजिटल एसेट्स, तेज भुगतान प्रणालियों, CBDC (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) इंटरऑपरेबिलिटी और रियल-वर्ल्ड एसेट टोकनाइजेशन को एक साझा वित्तीय ढांचे में लाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल माना जा रहा है। Sovereign Wealth Fund Institute (SWFI) के चेयरमैन और समिट के लीड को-चेयर लक्ष्मी नारायणन ने इस चार्टर को वैश्विक सोवेरिन वेल्थ का नया ब्लूप्रिंट बताया।
📜 $15 ट्रिलियन सोवेरिन कैपिटल का रणनीतिक इस्तेमाल: DART Working Group का हुआ गठन
समिट के समापन पर लक्ष्मी नारायणन ने कहा कि DART Charter पर हस्ताक्षर 15 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की ग्लोबल सोवेरिन वेल्थ के लिए एक मजबूत और लचीले वित्तीय ढांचे की नींव है।
अब सोवेरिन कैपिटल सिर्फ पैसिव एलोकेशन (निष्क्रिय निवेश) तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्लोबल साउथ की आर्थिक व्यवस्था को सक्रिय रूप से आकार देगा। इस सार्वजनिक हस्ताक्षर के साथ ही BRICS DART (Digital Assets Roundtable) Working Group की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ, जो BRICS Payment Task Force के साथ मिलकर काम करेगा। इसके तहत सोने, तेल और अन्य वास्तविक परिसंपत्तियों के डिजिटल टोकनाइजेशन और मल्टी-करेंसी क्लियरिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों पर काम किया जाएगा।
💸 UPI और Pix की कनेक्टिविटी से आसान होगा सीमा पार भुगतान: कम होगी लेनदेन की लागत
समिट में भारत के UPI और ब्राजील के Pix जैसे दुनिया के सबसे तेज पेमेंट नेटवर्क्स को डिजिटल करेंसी (CBDC) के साथ जोड़ने की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
यदि विभिन्न देशों के राष्ट्रीय भुगतान नेटवर्क आपस में प्रभावी रूप से जुड़ते हैं, तो सीमा पार व्यापारिक लेनदेन और रेमिटेंस की गति काफी तेज हो जाएगी और लागत में भारी कमी आएगी। DART Charter के तहत संयुक्त राष्ट्र के SDG 10.c लक्ष्य के अनुरूप सीमा पार धन हस्तांतरण (Cross-Border Payments) की लागत को 3 प्रतिशत से नीचे लाने का संकल्प भी दोहराया गया।
💱 डॉलर से परे गैर-डॉलर सेटलमेंट की दिशा में कदम: लोकल करेंसी व्यापार को बढ़ावा
BRICS देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और भुगतान को बढ़ावा देने की चर्चा पिछले कुछ समय से लगातार तेज हो रही है।
तेज भुगतान नेटवर्क, मल्टी-करेंसी क्लियरिंग और CBDC इंटरऑपरेबिलिटी का यह संयोजन भविष्य में गैर-डॉलर आधारित व्यापार सेटलमेंट को बेहद आसान और पारदर्शी बना सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इसे तत्काल डॉलर के विकल्प के रूप में देखने के बजाय तकनीकी मानकों, नियामकीय व्यवस्था और मुद्रा परिवर्तनीयता (Currency Convertibility) को मजबूत करने के एक दीर्घकालिक प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए।
🏦 Sovereign Capital को Bankable Projects से जोड़ना: महाराष्ट्र बनेगा वैश्विक निवेश का प्रवेश द्वार
समिट का एक प्रमुख फोकस विशाल सोवेरिन कैपिटल को सीधे धरातलीय और कमर्शियली व्यावहारिक (Bankable) प्रोजेक्ट्स से जोड़ना रहा।
iBRICS के को-चेयर दुष्यंत खन्ना ने कहा कि इस आयोजन ने वैश्विक पूंजी और वास्तविक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बीच एक मजबूत सेतु का काम किया है। सम्मेलन में महाराष्ट्र के वित्त एवं नियोजन राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने भी राज्य सरकार की नीतियों और रोडमैप को प्रस्तुत किया, जिसका मुख्य लक्ष्य महाराष्ट्र को ऐसे बहुराष्ट्रीय सोवेरिन फंड्स के निवेश के लिए एक प्रमुख प्रवेश द्वार (Gateway) के रूप में विकसित करना है।
🌍 निवेश का नया केंद्र बनता ग्लोबल साउथ: BRICS Plus की बढ़ती आर्थिक और जनसांख्यिकीय ताकत
समिट में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने BRICS Plus की बढ़ती आर्थिक और जनसांख्यिकीय ताकत को रेखांकित किया।
मौजूदा समय में BRICS Plus देशों के पास वैश्विक GDP का एक बड़ा हिस्सा और दुनिया की बहुसंख्यक आबादी है। ऐसे में आने वाले वर्षों में वैश्विक निवेश का बड़ा प्रवाह ग्लोबल साउथ और भारत, ब्राजील, मध्य पूर्व और अफ्रीका जैसे उभरते बाजारों की ओर होगा, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, डिजिटल इकोनॉमी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सोवेरिन कैपिटल की अहम भूमिका रहेगी।
🖋️ 250 Principals ने 'Sovereign Capital Compact' पर किए हस्ताक्षर: नवीन जिंदल 'Good Fellow Award' से सम्मानित
समिट के पहले दिन करीब 250 Principals ने 'The Sovereign Capital Compact' पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य रणनीतिक निवेश प्रतिबद्धताओं और सोवेरिन कैपिटल के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
इस सम्मेलन में जिंदल स्टील एंड पावर के चेयरमैन नवीन जिंदल, लोकसभा सांसद गुरजीत सिंह औजला, मेदांता के CIO राजीव सिक्का, राजशेखर जोशी और कॉर्पोरेट लीडर सुनीता बजाज सहित कई दिग्गजों ने सहभागिता की। इस अवसर पर नवीन जिंदल को SWFI की ओर से प्रतिष्ठित ‘Good Fellow Award’ से भी नवाजा गया।
🚀 क्या iBRICS बनेगा Global South के Financial Architecture का आधार?
iBRICS Summit 2026 का सबसे बड़ा संदेश पूंजी, अत्याधुनिक तकनीक और भुगतान प्रणालियों को एक साझा ग्लोबल साउथ फ्रेमवर्क में एकीकृत करना है।
यदि SWFI चेयरमैन लक्ष्मी नारायणन के नेतृत्व में तैयार किया गया DART Charter अपने लक्ष्यों को धरातल पर उतारता है, तो यह केवल एक साधारण निवेश मंच नहीं रहेगा। यह Sovereign Wealth, Digital Assets, CBDCs और Cross-Border Payments के बीच एक नया वैश्विक संस्थागत ढांचा तैयार करेगा। 15 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की सोवेरिन वेल्थ को स्ट्रैटेजिक इकोनॉमिक कैपिटल में बदलने की यह कोशिश आने वाले समय में वैश्विक वित्तीय संतुलन को पूरी तरह बदल सकती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)