25 सितंबर को निकलेगा इंदौर की झांकियों का झिलमिलाता कारवां, खस्ताहाल सड़कें बनीं चुनौती
इंदौर में 25 सितंबर की रात निकलने वाली ऐतिहासिक अनंत चतुर्दशी झांकियों के मार्ग पर गड्ढे, ड्रेनेज और मेट्रो काम बना बड़ी चुनौती। नगर निगम ने शुरू किया निरीक्षण।
इंदौर। गणेशोत्सव की शुरुआत के साथ ही इंदौर नगर निगम प्रशासन की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। आगामी 25 सितंबर की रात शहर की सड़कों पर इंदौर की ऐतिहासिक और पारंपरिक झांकियों का झिलमिलाता कारवां निकलेगा, जिसे निहारने के लिए लाखों की संख्या में शहरवासी और बाहरी श्रद्धालु उमड़ेंगे।
हालांकि, सबसे बड़ी समस्या यह है कि शहर में विभिन्न विकास कार्यों के चलते झांकी मार्ग कई स्थानों पर ऊबड़-खाबड़ है तो कहीं अत्यधिक संकरा हो चुका है।
कहीं ड्रेनेज लाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई थीं तो कहीं मेट्रो निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसे में यह भव्य झांकियां बिना किसी बाधा के कैसे गुजरेंगी और लाखों की अनियंत्रित भीड़ को कैसे संभाला जाएगा, यह प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल बना हुआ है। सोमवार को नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसी गंभीर समस्या का जायजा लेने के लिए पूरे झांकी मार्ग का मैदानी निरीक्षण किया।
❓ दशकों पुरानी परंपरा फिर भी समय पर क्यों नहीं पूरी हुई तैयारी?
उल्लेखनीय है कि अनंत चतुर्दशी के अवसर पर इंदौर में कपड़ा मिलों के जमाने से झांकियों की यह गौरवशाली परंपरा दशकों पुरानी है। इसके बावजूद सवाल उठ रहे हैं कि नगर निगम प्रशासन ने इसके लिए समय रहते पूर्व तैयारी क्यों नहीं की।
जेल रोड जैसे अत्यंत सघन और व्यस्त क्षेत्र में ड्रेनेज लाइन बिछाने का काम पिछले कई महीनों से चल रहा था, लेकिन इसे उत्सव शुरू होने से पहले पूरा क्यों नहीं कराया गया?
🥁 18 से ज्यादा भव्य झांकियां और 50 से अधिक अखाड़े होंगे शामिल: जेल रोड पर काम बीच में रोका
अनंत चतुर्दशी की रात निकलने वाले इस मुख्य चल समारोह में डेढ़ दर्जन से ज्यादा मिलों और संस्थाओं की झांकियां तथा 50 से अधिक अखाड़ों के उस्ताद व पहलवान अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
सड़कों की मौजूदा स्थिति देखकर यह साफ है कि इस बार झांकियों के कारवां और अखाड़ों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम भले ही पैचवर्क और मरम्मत के बड़े-बड़े दावे करे, लेकिन हकीकत यह है कि जेल रोड पर स्थिति अब भी खराब है।
हाल ही में नगर निगम को ड्रेनेज बिछाने का काम बीच में ही रोककर अस्थायी सुधार (पेचवर्क) करना पड़ा है, ताकि झांकियां वहां से सुरक्षित निकल सकें। विदेश रवाना होने से पहले खुद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस काम को बीच में रुकवाया था।
🚧 इन प्रमुख इलाकों में भी झांकियों को झेलनी पड़ेगी संकरी सड़कों की समस्या
झांकियों के इस विशाल कारवां को केवल जेल रोड पर ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य हिस्सों में भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा:
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🚇 शिवाजी मार्केट: यहां मेट्रो प्रोजेक्ट का काम लगातार जारी है, जिसके कारण मुख्य सड़क अत्यंत संकरी हो चुकी है। इस मार्ग से आम दिनों में चार पहिया वाहन तक बमुश्किल निकल पाते हैं।
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🚰 गोराकुंड चौराहा: कुछ समय पूर्व ही यहां पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान सड़क उखाड़ी गई थी। निगम ने तात्कालिक तौर पर सुधार तो किया है, लेकिन भारी-भरकम ट्रकों पर बनी झांकियों का भार यह मार्ग सह पाएगा या नहीं, इस पर संशय है।
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🛣️ नृसिंह बाजार चौराहा: इस क्षेत्र के आसपास भी सड़कों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है और जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं।
📍 यह रहेगा इंदौर की पारंपरिक झांकियों का मुख्य मार्ग
चल समारोह डीआरपी (DRP) लाइन से शुरू होकर स्नेहलतागंज, चिकमंगलूर चौराहा, जेल रोड, एमजी रोड, कृष्णपुरा छत्री, नंदलालपुरा, जवाहर मार्ग, यशवंत रोड चौराहा, बांबे बाजार, नृसिंह बाजार चौराहा, सीतलामाता बाजार, गोराकुंड चौराहा और खजूरी बाजार होते हुए राजवाड़ा के सामने पहुंचेगा। वहां से कृष्णपुरा ब्रिज और शिवाजी मार्केट से होते हुए पुनः डीआरपी लाइन और मिलों के परिसरों में जाकर समाप्त होगा।
⚠️ नगर निगम के सामने हैं ये प्रमुख चुनौतियां:
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👣 टूटे फुटपाथ: झांकी मार्ग पर जगह-जगह टूटे-फूटे फुटपाथों को 25 सितंबर से पहले पूरी तरह दुरुस्त करना होगा।
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🕳️ खुले चैंबर और गड्ढे: मार्ग में कई जगह ड्रेनेज और केबल सुधार कार्य के चलते सीवर चैंबरों के ढक्कन खुले पड़े हैं और गड्ढे बने हुए हैं, जिन्हें तुरंत ढकना और भरना जरूरी है।
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🛠️ निगम का आश्वासन: अधिकारियों का कहना है कि सुधार कार्य के लिए संबंधित अभियंताओं को कड़े निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि झांकियों का कारवां बिना किसी रुकावट के निर्बाध रूप से निकल सके।
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