10 साल पुराने केस के आधार पर नजरबंदी गलत, हाईकोर्ट ने निरस्त किया राजेंद्र और राजेश ठाकुर का NSA

जबलपुर हाईकोर्ट ने दो सगे भाइयों पर लगे रासुका (NSA) के आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि पुराने मुकदमों के आधार पर रासुका का इस्तेमाल गलत है।

Sep 15, 2026 - 10:32
0
10 साल पुराने केस के आधार पर नजरबंदी गलत, हाईकोर्ट ने निरस्त किया राजेंद्र और राजेश ठाकुर का NSA

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका/NSA) के तहत निरुद्ध दो सगे भाइयों—राजेंद्र ठाकुर उर्फ छोटू और राजेश ठाकुर उर्फ भैया की नजरबंदी को निरस्त कर दिया है।

न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति अवनिंद्र कुमार सिंह की युगलपीठ (डबल बेंच) ने दोनों याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करते हुए 6 जनवरी 2026 को जबलपुर के तत्कालीन जिला कलेक्टर द्वारा पारित किए गए नजरबंदी आदेश को कानून के विरुद्ध मानते हुए रद्द कर दिया।

📜 पुराने मुकदमों के आधार पर नहीं लगाई जा सकती रासुका: हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता निखिल तिवारी ने पैरवी करते हुए पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि नजरबंदी के आधार में दर्शाए गए कुल 22 मुकदमों में से अधिकांश वर्ष 2001 से 2015 के बीच के पुराने मामले थे। वर्ष 2015 के बाद याचिकाकर्ताओं के खिलाफ केवल दो ही आपराधिक मामले सामने आए थे।

कोर्ट ने अपने निर्णय में स्पष्ट कहा कि दशकों पुराने और बासी (Stale) मामलों के आधार पर रासुका जैसे असाधारण व सख्त कानून का यांत्रिक (Mechanical) ढंग से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि नजरबंदी आदेश जारी करते समय जिला कलेक्टर द्वारा अपने स्वतंत्र विवेक का प्रयोग किया जाना कहीं भी दिखाई नहीं देता।

🏛️ सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला: नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा जरूरी

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सर्वोच्च न्यायालय के 'अमीना बेगम बनाम तेलंगाना राज्य' मामले के ऐतिहासिक फैसले का विशेष रूप से उल्लेख किया। कोर्ट ने दोहराया कि निवारक निरोध (Preventive Detention) एक असाधारण उपाय है और किसी भी नागरिक के संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों की रक्षा करना अदालतों की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अदालत द्वारा जबलपुर जिला कलेक्टर का मूल नजरबंदी आदेश निरस्त किए जाने के साथ ही अप्रैल और जुलाई माह में बढ़ाई गई नजरबंदी की समयावधि भी स्वतः ही समाप्त हो गई।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User