'टूटे गतिरोधक और अंधेरा', बिजासन घाट से सेंधवा बायपास तक बदहाल हाईवे पर उठे सवाल
मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र सीमा पर बिजासन घाट की सड़क खस्ताहाल है। अधूरे कायाकल्प, गहरे गड्ढों, टूटे गतिरोधकों और अंधेरे के कारण हाईवे पर हादसों का खतरा बढ़ गया है।
गड्ढों में तब्दील बिजासन घाट की सड़क, हादसों को दे रही न्योता
कायाकल्प के दौरान अधूरी छोड़ी सड़क बदहाल सड़क; टूटे गतिरोधक, गायब सफेद पेंट और
क्रॉसिंग पर अंधेरा बढ़ा रहा दुर्घटनाओं का खतरा
बिजासन घाट। मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र सीमा से लगे बिजासन घाट की सड़क की हालत एक बार फिर बिगड़ने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। घाट में कायाकल्प कार्य के दौरान जहां सड़क की खुदाई कर काम अधूरा छोड़ा गया था, वहीं अब उसी हिस्से में करीब 3 बाय 5 फीट आकार और 4 इंच तक गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और हादसे का खतरा भी बढ़ गया है।
गतिरोधक क्षतिग्रस्त, सफेद पेंट भी गायब
बिजासन घाट से सेंधवा बायपास तक कई स्थानों पर सड़क की स्थिति खराब है। जगह-जगह बने गतिरोधक भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इन पर किया गया सफेद पेंट गायब होने से रात के समय वाहन चालकों को गतिरोधक दिखाई नहीं देते। सूचना एवं चेतावनी वाले बोर्ड भी पर्याप्त रोशनी के अभाव में रात में नजर नहीं आते। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहन चालकों के लिए अचानक गतिरोधक सामने आने पर दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
क्रॉसिंग से पहले नहीं पर्याप्त रोशनी
हाईवे पर कई क्रॉसिंग के पहले बने गतिरोधकों पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था नहीं है। रात में अंधेरे के कारण वाहन चालकों को आगे क्रॉसिंग होने का पता समय पर नहीं चलता। ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि गतिरोधकों पर सफेद पेंट के साथ क्रॉसिंग से पहले पर्याप्त रोशनी और स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएं, ताकि वाहन चालक पहले से सतर्क हो सकें।
रोज गुजरती है हाईवे पेट्रोलिंग, फिर भी समस्या नजरअंदाज
सड़क की हालत और क्षतिग्रस्त गतिरोधकों की स्थिति के बावजूद जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। हाईवे पर रोजाना पेट्रोलिंग वाहन गुजरते हैं, लेकिन सड़क के गड्ढों, टूटे गतिरोधकों और रात में दिखाई नहीं देने वाले संकेतकों की समस्या पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
कायाकल्प के काम की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
बिजासन घाट से खलघाट तक सड़क के कायाकल्प का कार्य श्री इंफ्रा को सौंपा गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्य में लापरवाही और गुणवत्ता की अनदेखी के कारण सड़क की हालत फिर खराब हो रही है। जिस सड़क के कायाकल्प से वाहन चालकों को बेहतर और सुरक्षित सफर की उम्मीद थी, वहां अब गड्ढे और क्षतिग्रस्त गतिरोधक परेशानी का कारण बन रहे हैं।
जिम्मेदारों से मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था की मांग
वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने सड़क के गड्ढों की तत्काल मरम्मत, क्षतिग्रस्त गतिरोधकों को दुरुस्त करने, उन पर सफेद पेंट कराने तथा सभी प्रमुख क्रॉसिंग से पहले पर्याप्त लाइटिंग और स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद सुधार करने के बजाय समय रहते सड़क की खामियों को दूर किया जाना जरूरी है।
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