गणेशोत्सव में आईटी प्रोफेशनल्स का कमाल, बुरहानपुर की इंदिरा कॉलोनी में 3 मिनट का शो बना आकर्षण
बुरहानपुर की इंदिरा कॉलोनी में आईटी प्रोफेशनल्स ने गणेशोत्सव पर हाईटेक पंडाल बनाया। भगवान कृष्ण की कालिया नाग लीला के जरिए दिया सकारात्मक संदेश।
बुरहानपुर। देश भर में 10 दिवसीय गणेशोत्सव का पर्व अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र की सीमा से सटे मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में भी गणेशोत्सव की जबरदस्त धूम है। जिले भर में 700 से अधिक और शहर में करीब 280 स्थानों पर सार्वजनिक गणेश पंडाल सजाए गए हैं। इनमें सबसे खास आकर्षण का केंद्र शहर की पॉश इंदिरा कॉलोनी में स्थित 'रिद्धि-सिद्धि गणेश फाउंडेशन' का हाईटेक पंडाल बना हुआ है। आईटी सेक्टर से जुड़े युवाओं की टोली द्वारा तैयार इस पंडाल में भगवान श्री गणेश को भगवान श्रीकृष्ण के रूप में विराजित किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल और भक्ति का केंद्र है।
💻 आईटी प्रोफेशनल्स ने तकनीक से दिया सनातन संदेश: विशाल नाग के मुंह से प्रवेश कर दर्शक देख रहे 3 मिनट का शो
आयोजक रिद्धि-सिद्धि गणेश फाउंडेशन में लगभग 200 सदस्य हैं, जिनमें से अधिकांश आईटी (IT) प्रोफेशनल्स हैं।
इस वर्ष फाउंडेशन ने भगवान कृष्ण की 'कालिया नाग दमन' लीला की थीम पर अत्याधुनिक पंडाल तैयार किया है। पंडाल का मुख्य प्रवेश द्वार एक विशाल नाग की आकृति का बनाया गया है। इसमें प्रवेश करने के बाद दर्शकों को 3 मिनट का एक विशेष ऑडियो-विजुअल हाईटेक शो दिखाया जा रहा है। इस शो के माध्यम से दर्शाया गया है कि कैसे भगवान कृष्ण ने कालिया नाग को मारे बिना उसके भीतर व्याप्त विष को समाप्त कर यमुना नदी को उसके प्रकोप से मुक्त कराया था।
💡 "अंदर छिपे क्रोध और घृणा रूपी विष को खत्म करें": छोटी मूर्ति से दिया जीवन का बड़ा उपदेश
इस हाईटेक झांकी के जरिए समाज को एक गहरा और सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया है।
आयोजकों का कहना है कि जिस प्रकार भगवान कृष्ण ने कालिया नाग को मारे बिना उसका विष खत्म किया था, ठीक उसी तरह आज के इंसान को भी अपने भीतर जमा घृणा, ईर्ष्या, क्रोध और नकारात्मकता रूपी विष को खत्म करना चाहिए। यदि मनुष्य अपने अंदर के क्रोध पर नियंत्रण कर ले, तो वह एक तनावमुक्त, सकारात्मक और सफल जीवन व्यतीत कर सकता है।
📢 बड़ी मूर्ति नहीं, प्रासंगिक संदेश जरूरी: 'जेन जी' और महिलाओं को आकर्षित कर रही तकनीक
फाउंडेशन के आयोजक गौरव अग्रवाल और अंशुल कापड़िया ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) को धर्म और सनातन इतिहास से जोड़ने के लिए तकनीक सबसे सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा, "इन दिनों हर जगह केवल विशाल मूर्तियां बैठाने की होड़ मची है, लेकिन हमारा उद्देश्य छोटी मूर्ति स्थापित कर समाज को बड़ा संदेश देना है। तकनीक के जरिए दिया जा रहा यह उपदेश लोगों के दिलों को छू रहा है, यही वजह है कि बुरहानपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के शहरों से भी भारी भीड़ इसे देखने पहुंच रही है।"
🌟 दर्शकों और श्रद्धालुओं ने की सराहना: बच्चों व युवाओं पर पड़ रहा सकारात्मक प्रभाव
पंडाल में दर्शन करने पहुंचीं श्रद्धालु सरोज जैन ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि आज की सभी मानसिक और सामाजिक समस्याओं की मूल जड़ अनियंत्रित क्रोध है।
टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल से जिस तरह भगवान कृष्ण के उपदेशों को प्रस्तुत किया जा रहा है, उसका बच्चों, युवाओं और महिलाओं के मन पर बेहद गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह पहल साबित करती है कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से भी समाज सुधार का बेहतरीन कार्य किया जा सकता है।
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