मध्य प्रदेश के नेशनल हाइवे पर लगेंगी स्मार्ट स्ट्रीट लाइटें; रिमोट से होंगी कंट्रोल, 5G से मिलेगी लोकेशन
मध्य प्रदेश के नेशनल हाइवे और एक्सप्रेसवे की स्ट्रीट लाइटें अब रिमोट और CCMS तकनीक से स्मार्ट होंगी। 5G नेटवर्क के जरिए खराब लाइटों की रियल टाइम निगरानी होगी।
भोपाल। मध्य प्रदेश में अब नेशनल हाइवे और एक्सप्रेसवे की स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट बनाया जाएगा। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के निर्देशों के पालन में अब ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, खंडवा, रीवा, रतलाम, सागर, उज्जैन और विदिशा जैसे प्रमुख शहरों से गुजरने वाले नेशनल हाइवे पर नया केंद्रीयकृत स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम (CCMS) लगने जा रहा है।
वर्तमान व्यवस्था के तहत ये लाइटें केवल सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर ऑटोमैटिक बंद और चालू होती हैं। खराब होने पर इनकी जानकारी भी तभी लग पाती है, जब एनएचएआई के पेट्रोलिंग वाहन मौके पर पहुंचते हैं। अब नए सिस्टम के लागू होने से इन लाइटों को रिमोट के माध्यम से बंद व चालू किया जा सकेगा। इसके अलावा प्रत्येक लाइट 'केंद्रीय नियंत्रण एवं निगरानी प्रणाली' (CCMS) के सीधे दायरे में रहेगी।
📡 5G नेटवर्क से कंट्रोल रूम में पहुंचेगी खराबी की सूचना: मैप पर तुरंत दिखेगी बुझी हुई लाइट की लोकेशन
जैसे ही कोई स्ट्रीट लाइट बंद या खराब होगी, वह तुरंत कंट्रोल रूम के डिजिटल पैनल पर दिखाई देने लगेगी। सीसीएमएस का वेब-आधारित केंद्रीय सर्वर सभी कॉरिडोर की लाइटों का डेटा एकत्रित कर उसे सुरक्षित रखेगा। इस सिस्टम में मैप पर लोकेशन के साथ हर लाइट की वर्तमान स्थिति लाइव देखी जा सकेगी।
प्रत्येक कॉरिडोर पर स्ट्रीट लाइटों को अलग-अलग कंट्रोल बॉक्स से जोड़ा जाएगा। यही बॉक्स लाइट खराब होने की सूचना लोकेशन के साथ तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचाएगा, जिससे डिजिटल मैप पर वह स्ट्रीट लाइट बुझी हुई नजर आने लगेगी। सूचना तेज गति से पहुंचाने के लिए 5G नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए NHAI के भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चयनित एजेंसी को यह पूरा सिस्टम तैयार करने के साथ ही अगले 5 साल तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी।
⚡ बिजली की खपत और वोल्टेज पर भी रहेगी नजर: साइबर सुरक्षा के साथ 48 घंटे में खराबी सुधारने का नियम
हर सीसीएमएस फीडर पैनल में थ्री-फेज ऊर्जा मीटर (Three-phase Energy Meter) लगाया जाएगा। इससे वोल्टेज, करंट, पावर फैक्टर, ऊर्जा खपत और लाइटों के संचालन से जुड़े सभी आंकड़े ऑटोमैटिक रिकॉर्ड किए जा सकेंगे। यह सिस्टम बिजली सप्लाई बाधित होने, वोल्टेज या करंट में गड़बड़ी, फीडर ट्रिप होने और अन्य तकनीकी खामियों की जानकारी भी तुरंत देगा।
यदि नेटवर्क फेल होता है या कोई तकनीकी गड़बड़ी आती है, तब भी स्ट्रीट लाइटें बंद नहीं होंगी और लगातार संचालित होती रहेंगी; इसके लिए सीसीएमएस में स्वतंत्र हार्डवेयर टाइमर का प्रावधान किया गया है। पावर कट के दौरान भी सिस्टम की रियल-टाइम क्लॉक और इवेंट लॉग का बैकअप सुरक्षित रहेगा।
🛡️ NHAI के केंद्रीय सर्वर से जुड़ेगा सिस्टम: 48 घंटे के भीतर दूर करनी होगी कोई भी तकनीकी खराबी
इस आधुनिक सिस्टम में उच्च स्तरीय साइबर सिक्योरिटी को भी शामिल किया गया है। इसमें हैकिंग डिटेक्शन, सेल्फ-हीलिंग मैकेनिज्म और फेल-सेफ ऑपरेशन का विशेष प्रावधान है। पूरे सिस्टम को NHAI के केंद्रीय सर्वर से सुरक्षित माध्यम से जोड़ा जाएगा, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी, रिपोर्टिंग और डेटा प्रबंधन किया जा सके।
अनुबंध के तहत, स्ट्रीट लाइटिंग में कोई खराबी आने या संचार व्यवस्था बाधित होने पर संबंधित एजेंसी को अधिकतम 48 घंटे के भीतर पूरा सिस्टम दुरुस्त करना अनिवार्य होगा।
🌐 "स्ट्रीट लाइट की हो सकेगी रियल टाइम निगरानी": NHAI अधिकारियों ने टेंडर प्रक्रिया की पुष्टि की
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के हाइवे और एक्सप्रेसवे की स्ट्रीट लाइटों को सीसीएमएस (CCMS) सिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसके लिए आवश्यक टेंडर जारी कर दिए गए हैं। सीसीएमएस से जुड़ने के बाद राज्यभर में हाइवे पर लगी प्रत्येक स्ट्रीट लाइट की 24 घंटे रियल-टाइम निगरानी संभव हो सकेगी, जिससे हादसों में कमी आएगी और यात्रियों का सफर अधिक सुरक्षित होगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)