राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम पर सुरक्षा का कड़ा पहरा; राजीव गांधी हत्याकांड का हवाला दे पुलिस ने रखीं 31 शर्तें
इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए पुलिस ने पूर्व पीएम राजीव गांधी हत्याकांड का हवाला देते हुए आयोजकों के सामने 31 कड़ी शर्तें रखी हैं।
इंदौर। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 21 मई 1991 को हुई दुखद हत्या का हवाला देते हुए पुलिस ने राहुल गांधी के इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर आयोजकों के सामने 31 कड़ी शर्तें रखी हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जारी इन विशेष निर्देशों में पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित 'वर्मा आयोग' की रिपोर्ट का भी विशेष रूप से हवाला दिया है।
📊 वाहनों के नंबर, चालकों के नाम और वास्तविक संख्या की मांगी सूची: शपथ-पत्र पर देना होगा ब्योरा
पुलिस ने आयोजकों से कार्यक्रम में आने वाले लोगों की वास्तविक संख्या बताने के साथ ही यह भी पूछा है कि किस जिले, तहसील या कॉलेज से कितने लोग आ रहे हैं।
इसके साथ ही कितने लोग निजी वाहनों से आएंगे और कितने बस या ट्रेन से, इसकी पूरी जानकारी मांगी गई है। पुलिस ने बसों के नंबर और चालकों के मोबाइल नंबर तक की सूची मांगी है। हालांकि इन शर्तों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
📋 पुलिस द्वारा रखी गई प्रमुख शर्तें: सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के सख्त दिशा-निर्देश
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📝 शपथ-पत्र और उपस्थिति सीमा: आयोजक अपेक्षित उपस्थिति की वास्तविक संख्या का लिखित शपथ-पत्र दें, जिसमें पुरुष और महिला/छात्राओं की अलग-अलग संख्या हो। स्थल की क्षमता से अधिक भीड़ की अनुमति नहीं होगी।
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🚌 परिवहन एवं रूट प्लान: किस जिले/महाविद्यालय से कितने व्यक्ति आ रहे हैं, बसों की कुल संख्या, वाहन क्रमांक, चालकों के नाम-मोबाइल नंबर, आगमन मार्ग, समय और निर्धारित पार्किंग पॉकेट की सूची पहले ही तय करनी होगी।
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🗺️ स्थल का स्केल-मैप: मंच, डी-एरिया, सेक्टर विभाजन, निकास द्वार, आपातकालीन कॉरिडोर और पार्किंग अंकित कर स्केल-मैप जमा करना अनिवार्य है।
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👥 सेक्टर विभाजन व कलर-कोडिंग: भीड़ को 2000-2000 क्षमता वाले पृथक सेक्टरों में बांटा जाएगा। प्रत्येक सेक्टर का एक निश्चित रंग-कोड, क्रमांक और नामित सेक्टर प्रभारी होगा।
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🚨 आपातकालीन कॉरिडोर: प्रवेश द्वार से मंच तक 6 मीटर चौड़ा आपातकालीन कॉरिडोर खाली रखना होगा।
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🛡️ मंच का डी-एरिया: मंच के सामने 25 से 30 फीट का 'डी-एरिया' पूरी तरह खाली रहेगा, जिसमें केवल सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
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🎪 अग्निरोधी डोम प्रमाण-पत्र: पंडाल या डोम अग्निरोधी (Fireproof) सामग्री से बना होना चाहिए, जिसका प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य है।
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🚪 निकास द्वार व फ्रिस्किंग: कम से कम 6 प्रवेश और 8 निकास द्वार बनाने होंगे। महिलाओं की जांच के लिए पृथक पर्दायुक्त फ्रिस्किंग एन्क्लोजर और महिला सुरक्षाकर्मी रहेंगी।
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🙋♂️ 1500 स्वयंसेवक तैनात होंगे: कम से कम 1500 स्वयंसेवक (जिनमें 500 महिलाएं होंगी) सेक्टरवार तैनात करने होंगे।
🚫 ड्रोन पर पूर्ण प्रतिबंध और वीडियोग्राफी अनिवार्य: आपत्तिजनक बैनर-पोस्टर पर रहेगी रोक
कार्यक्रम स्थल पर निजी ड्रोन के प्रयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा; केवल पुलिस का अधिकृत ड्रोन ही उपयोग में लाया जा सकेगा।
इसके अलावा, कार्यक्रम में कोई आपत्तिजनक या उत्तेजक पोस्टर, बैनर या होर्डिंग प्रदर्शित नहीं किया जाएगा। किसी धर्म, जाति या राजनीतिक संगठन के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी पर रोक रहेगी और पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराकर पुलिस को सौंपनी होगी।
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