दवाई दुकानों पर 6-8 सीसीटीवी का फरमान! छोटे केमिस्टों पर बढ़ेगा ₹1 लाख तक का बोझ; AIOCD ने उठाई आवाज
देशभर के मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य करने के सरकार के फैसले का AIOCD ने विरोध किया है। जानें छोटे केमिस्टों की मांग और पूरी खबर।
इंदौर। देश के तमाम मेडिकल स्टोरों पर अब सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगवाना अनिवार्य होगा। भारत सरकार के इस बड़े फैसले के बाद अब पूरे देश में दवाइयों की खरीद-बिक्री कैमरों की 24 घंटे निगरानी में ही की जा सकेगी। हालांकि, केंद्र सरकार के इस फैसले को 'ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स' (AIOCD) ने छोटे व्यापारियों पर एक बड़ा अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है और सरकार से सीसीटीवी सिस्टम लगाने व उसके रखरखाव के लिए फंड देने की मांग की है।
📹 हर मेडिकल स्टोर पर 6 से 8 सीसीटीवी कैमरे जरूरी: अनियमितताओं और अवैध बिक्री रोकने के लिए लिया गया फैसला
देश के लगभग 140 करोड़ नागरिकों को प्रतिदिन लाखों केमिस्ट सुरक्षित एवं वैधानिक रूप से दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं। इसके बावजूद कई बार बिना पर्चे के प्रतिबंधित दवाइयां बेचने, फर्जीवाड़े और नियमों की अनदेखी की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
इसी वजह से भारत सरकार ने प्रत्येक मेडिकल स्टोर पर 6 से 8 CCTV कैमरे, DVR/NVR, डेटा स्टोरेज, वायरिंग और हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। दूसरी ओर, संगठन का मानना है कि गंभीर अनियमितताओं की घटनाएं अत्यंत सीमित हैं, इसलिए इसका रखरखाव छोटे एवं मध्यम केमिस्टों के लिए ₹50,000 से ₹1,000,000 तक का भारी-भरकम आर्थिक बोझ बन जाएगा।
🚫 AIOCD ने फैसले पर पुनर्विचार की उठाई मांग: ग्रामीण क्षेत्रों की व्यावहारिक समस्याओं का दिया हवाला
केमिस्टों के राष्ट्रीय संगठन AIOCD ने देशभर की प्रत्येक फार्मेसी एवं मेडिकल शॉप पर सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था अनिवार्य किए जाने के प्रस्ताव पर सरकार से पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।
AIOCD के अध्यक्ष जे.एस. शिंदे और सचिव राजीव सिंघल ने कहा, "ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली की भारी कटौती, कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित तकनीशियनों की कमी के कारण 24 घंटे रिकॉर्डिंग चालू रखना व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन है। विशेषकर छोटे गांवों और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों के मेडिकल स्टोरों पर एक समान नियम थोपना उचित नहीं होगा।"
💰 "सरकार दे वित्तीय सहायता या वापस ले फैसला": केमिस्ट एसोसिएशन ने रखी मांग
AIOCD ने सरकार से स्पष्ट अनुरोध किया है कि यदि सीसीटीवी निगरानी को सार्वजनिक सुरक्षा और नियमन की दृष्टि से अनिवार्य माना जाता है, तो इसके सेटअप और रखरखाव के लिए सरकार खुद इंफ्रास्ट्रक्चर या वित्तीय सहायता (Financial Support) उपलब्ध कराए।
अन्यथा, इस अनिवार्य व्यवस्था को वापस लेकर कोई व्यावहारिक और अनुपातिक विकल्प तलाशा जाना चाहिए। संगठन का कहना है कि केमिस्ट समुदाय सरकार का सदैव सहयोगी रहा है, लेकिन नियम बनाते समय ग्राउंड लेवल की कठिनाइयों पर ध्यान देना आवश्यक है।
🏪 देशभर के 12 लाख से ज्यादा मेडिकल स्टोरों पर पड़ेगा असर: प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर लगेगी लगाम
उल्लेखनीय है कि देशभर में AIOCD से जुड़े 12 लाख से भी ज्यादा मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं।
अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जिनमें बच्चों को बिना डॉक्टरी सलाह के दवा देना या ऐसी दवाएं बेचना जो सरकार द्वारा प्रतिबंधित हैं, ग्राहकों तक पहुंच जाती हैं। भारत सरकार ने दवा बिक्री के नियमों का कड़ाई से पालन कराने और पारदर्शी निगरानी तंत्र स्थापित करने के उद्देश्य से ही सीसीटीवी कैमरों को अनिवार्य करने का कदम उठाया है।
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