Indore Fire Incident: विजयनगर में गैस लीकेज से भीषण आग; बोरिंग मशीन के कारण हुआ बड़ा हादसा, प्रशासन की लापरवाही उजागर

इंदौर के विजयनगर में अवंतिका गैस पाइपलाइन में धमाके से 5 लोग घायल। बोरिंग कार्य के दौरान बरती गई लापरवाही। बढ़ती आगजनी की घटनाओं के बीच सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल।

Jun 24, 2026 - 14:18
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Indore Fire Incident: विजयनगर में गैस लीकेज से भीषण आग; बोरिंग मशीन के कारण हुआ बड़ा हादसा, प्रशासन की लापरवाही उजागर

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही की बानगी देखने को मिली है। मंगलवार को विजयनगर थाना क्षेत्र के सुमन नगर में बोरिंग कार्य के दौरान अवंतिका गैस की पाइपलाइन में हुए धमाके से भीषण आग लग गई। इस दुर्घटना में 5 लोग झुलस गए, जिनमें से एक महिला समेत दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

🚧 लापरवाही की हद: बोरिंग के दौरान नहीं बरती गई सावधानी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्षेत्र में एक बोरिंग मशीन द्वारा खुदाई का काम किया जा रहा था। दुर्भाग्यवश, जमीन के नीचे से गुजर रही अवंतिका गैस की मुख्य पाइपलाइन के बारे में जानकारी न होने या उसे नजरअंदाज करने के कारण बोरिंग के दौरान पाइपलाइन फट गई। गैस लीकेज होते ही आग ने भीषण रूप ले लिया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और लापरवाही के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

🔥 बढ़ती आगजनी और फायर सेफ्टी पर सवाल

इंदौर में आगजनी की बढ़ती घटनाओं ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते मार्च 2026 में बंगाली चौराहा स्थित ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में ईवी चार्जिंग के दौरान लगी आग में 8 लोगों की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके अलावा, हाल ही में लखनऊ, दिल्ली और भोपाल में हुई भीषण आगजनी की घटनाओं ने देश भर में 'फायर सेफ्टी' के दावों की पोल खोल दी है। इन सबके बावजूद, स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन न होना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

⚖️ क्या है प्रशासन का रुख?

नगर निगम और जिला प्रशासन पर बार-बार लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रकार के निर्माण या खुदाई कार्य से पूर्व 'यूटिलिटी मैपिंग' (गैस, बिजली, पानी की लाइनों की जानकारी) अनिवार्य होनी चाहिए। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारियों या ठेकेदारों पर किस प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाती है।

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