Dhar News: सरकारी इमामबाड़े विवाद में इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; जानिए क्या है पूरा मामला और पुलिस सुरक्षा के इंतजाम
धार के सरकारी इमामबाड़े विवाद में इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला। मोहर्रम के दौरान ताजिया निर्माण और कार्यक्रमों की मिली अनुमति। 1 जुलाई तक के लिए चाबियां सौंपने के निर्देश।
धार। धार स्थित सरकारी इमामबाड़े को लेकर चल रहे लंबे विवाद के बीच इंदौर हाईकोर्ट से मुस्लिम समुदाय के लिए बड़ी राहत भरी खबर आई है। हाईकोर्ट की इंदौर बैंच ने मोहर्रम के त्योहार को ध्यान में रखते हुए इमामबाड़े में ताजिया निर्माण और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति दे दी है। न्यायालय ने प्रशासन को 1 जुलाई तक इमामबाड़े की चाबियां याचिकाकर्ताओं को सौंपने के आदेश दिए हैं।
🏛️ क्या था धार का इमामबाड़ा विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग ने इमामबाड़े पर अपना स्वामित्व जताते हुए मोहर्रम के दौरान वहां होने वाले कार्यक्रमों की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद मोहम्मद सिद्दीकी नामक याचिकाकर्ता ने इंदौर हाईकोर्ट की शरण ली। याचिका में तर्क दिया गया कि वर्षों से इमामबाड़े में मोहर्रम के कार्यक्रम होते आ रहे हैं, जिसे अचानक रोकना अनुचित है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फिलहाल 1 जुलाई तक आयोजन की अनुमति प्रदान कर दी है।
🛡️ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मुस्लिम समाज में हर्ष का माहौल है। इस साल क्षेत्र में लगभग 130 ताजिए निकाले जाएंगे। कानून-व्यवस्था और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार किया है। सुरक्षा के मद्देनजर 6 डीएसपी (DSP) और 350 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है, जो पूरे आयोजन के दौरान तैनात रहेंगे।
📅 आगे जारी रहेगी कानूनी सुनवाई
भले ही मोहर्रम के लिए अदालत ने राहत दी है, लेकिन मालिकाना हक और इमामबाड़े के उपयोग से जुड़े विवाद पर कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे भी सुनवाई जारी रहेगी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता नूर अहमद शेख ने कोर्ट के समक्ष तमाम साक्ष्य और तर्क रखे हैं। मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई के बाद निर्धारित की जाएगी।
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