Guna Crime News: कराटे कोचों ने शिष्या के साथ किया सामूहिक दुष्कर्म; POCSO कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
गुना के विशेष POCSO कोर्ट ने कराटे कोचों को सामूहिक दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोचों ने छात्रा को टूर्नामेंट के बहाने विदेश ले जाकर किया था प्रताड़ित।
गुना। मध्य प्रदेश के गुना में साल 2017 में 12 साल की एक छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में विशेष POCSO न्यायालय ने एक कड़ा फैसला सुनाया है। न्यायाधीश श्रीमती सोनाली शर्मा ने दो आरोपी कोचों, सचिन भटनागर और जगवीर जाटव को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस फैसले ने समाज में एक सख्त संदेश दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
🥋 प्रशिक्षण के नाम पर शोषण की खौफनाक दास्तान
पीड़िता ने 2021 में थाना कैंट में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में खुलासा किया था कि उसके कराटे कोच सचिन भटनागर और जगवीर जाटव ने उसे बहला-फुसलाकर दो सालों तक प्रताड़ित किया। आरोपी इतने शातिर थे कि टूर्नामेंट के नाम पर उसे विशाखापट्टनम और मलेशिया तक ले गए और वहां भी उसके साथ दुष्कर्म किया। यही नहीं, आरोपी सचिन ने अपनी हवस और लालच के चलते छात्रा को घर से सोने के जेवर लाकर देने के लिए भी मजबूर किया था।
👩⚖️ कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: गुरु-शिष्य का संबंध हुआ कलंकित
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी कोचों ने न केवल नाबालिग छात्रा की मानसिकता का लाभ उठाया, बल्कि गुरु-शिष्य के पवित्र संबंधों को धूमिल करते हुए सामाजिक मूल्यों का भी हनन किया है। अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते कोर्ट ने पीड़िता को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। तीसरे आरोपी संजीव चौधरी को पर्याप्त पहचान न हो पाने के कारण कोर्ट ने बरी कर दिया है।
👨👩👧👦 अभिभावकों के लिए सबक
इस मामले ने अभिभावकों को भी सचेत कर दिया है। अभियोजन पक्ष ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बच्चे जब भी किसी खेल प्रशिक्षण या कोचिंग सेंटर पर जाएं, तो माता-पिता का उनसे नियमित संवाद होना अनिवार्य है। यदि बच्चे के व्यवहार में कोई भी संदिग्ध बदलाव दिखे, तो बिना डरे पुलिस और प्रशासन की मदद लेनी चाहिए।
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