Katni News: विजयराघवगढ़ के जंगल में 14 वन्यजीवों की मौत; तालाब में जहर मिलाने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार
कटनी के विजयराघवगढ़ जंगल में 14 वन्यजीवों (12 चीतल, 2 सांभर) की मौत। आरोपियों ने तालाब में जहर मिलाने की बात स्वीकारी। वन विभाग ने 3 लोगों को किया गिरफ्तार।
कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में वन्यजीवों की सामूहिक मौत का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। विजयराघवगढ़ वन्य क्षेत्र के घुघरी-कांटी गांव के समीप जंगल में 12 चीतल और 2 सांभर मृत अवस्था में पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और डॉग स्क्वॉड सक्रिय हो गया। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ा दी है।
🐕 डॉग स्क्वॉड की मदद से खुला शिकार का राज
घटनास्थल पर वन्यजीवों के मुंह से झाग निकलता देख टीम को जहर दिए जाने की आशंका हुई। डॉग स्क्वॉड ने जांच के दौरान घुघरी गांव के एक संदिग्ध के घर तक सुराग खोज निकाला। आरोपी के घर से ताजा खून के निशान, वन्यजीवों के बाल, मांस, शिकार के लिए इस्तेमाल होने वाले फंदे और अन्य आपत्तिजनक उपकरण बरामद किए गए। पूछताछ के बाद गडौरी गांव से दो अन्य सहयोगियों को भी हिरासत में ले लिया गया।
☠️ आरोपियों ने कबूला: तालाब में मिलाया था जहर
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने शिकार के उद्देश्य से तालाब के पानी में जहर मिलाने की बात स्वीकार की है। डीएफओ गर्वित गंगवार के अनुसार, आशंका है कि जहरीला पानी पीने से ही इन 14 वन्यजीवों की मौत हुई है। मृत जानवरों का पोस्टमार्टम कराकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वहीं, तालाब के पानी के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं, ताकि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सके।
🛡️ सुरक्षा के लिए बढ़ा दी गई गश्त
घटना के बाद वन विभाग ने उस तालाब के आसपास स्टाफ तैनात कर दिया है ताकि किसी अन्य वन्यजीव या स्थानीय मवेशियों को जहरीले पानी से बचाया जा सके। डीएफओ ने बताया कि अब प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और पानी के स्रोत को सुरक्षित करने के साथ ही कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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