Indore Rail Connectivity: इंदौर-बुधनी, दाहोद और मनमाड़ ट्रैक से कम होगी सफर की दूरी; जानिए प्रोजेक्ट्स की खूबियां

इंदौर रेलवे का मेगा विस्तार: 4 बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ेगा इंदौर। जबलपुर, गुजरात और मुंबई की दूरी होगी कम। जानिए इंदौर के भविष्य के रेलवे जंक्शन बनने की पूरी जानकारी।

Jun 26, 2026 - 18:19
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Indore Rail Connectivity: इंदौर-बुधनी, दाहोद और मनमाड़ ट्रैक से कम होगी सफर की दूरी; जानिए प्रोजेक्ट्स की खूबियां

इंदौर। बीते पांच दशकों में इंदौर रेलवे ने एक लंबा सफर तय किया है। कभी ट्रेनों के वापस लौटने का स्थान रहा इंदौर आज देश का एक प्रमुख रेलवे केंद्र बन चुका है। अब शहर के विकास को नई ऊंचाइयां देने के लिए रेलवे के 4 मेगा प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जो इंदौर को भविष्य का सबसे बड़ा जंक्शन बनाएंगे। जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, ये परियोजनाएं न केवल यात्रियों का समय बचाएंगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी पंख देंगी।

🛤️ इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन: जबलपुर की दूरी में कमी

इंदौर-बुधनी ट्रैक जबलपुर, वाराणसी और प्रयागराज जाने वाले यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा। अब यात्रियों को उज्जैन-भोपाल होकर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह नया ट्रैक सीधे होशंगाबाद से बुधनी को जोड़ेगा, जिससे 1 घंटे का समय बचेगा और सफर की दूरी में भी 68 से 150 किलोमीटर तक की कमी आएगी। इसी ट्रैक पर मध्य प्रदेश की सबसे लंबी (8.64 किमी) रेलवे टनल का निर्माण किया जा रहा है।

🌐 इंदौर-दाहोद और खंडवा-महू ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट
  • इंदौर-दाहोद ट्रैक: 205 किमी लंबी यह लाइन इंदौर को धार के आदिवासी अंचल होते हुए सीधे गुजरात के औद्योगिक शहरों (जैसे सूरत) से जोड़ेगी। इससे मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।

  • खंडवा-महू ट्रैक: मीटर गेज को ब्रॉडगेज में बदलने का कार्य जारी है। इसके पूरा होने पर इंदौर से खंडवा का 142 किमी का सफर मात्र सवा घंटे में पूरा होगा और मुंबई की दूरी भी कम हो जाएगी।

📉 इंदौर-मनमाड़ लाइन: दूरी और समय की बड़ी बचत

309 किमी लंबा इंदौर-मनमाड़ ट्रैक इंदौर से मुंबई की दूरी को 200 किलोमीटर कम कर देगा, जिससे यात्रियों के 4.5 घंटे बचेंगे। यह प्रोजेक्ट न केवल मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ेगा, बल्कि नागपुर होते हुए दक्षिण भारत तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

📈 इंदौर बनेगा लॉजिस्टिक हब

इन परियोजनाओं के पूरा होने से इंदौर के पीथमपुर, धार और सांवेर जैसे व्यावसायिक केंद्रों को भारी लाभ होगा। निर्यात और माल ढुलाई आसान होने से भविष्य में बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों के इंदौर आने की संभावना बढ़ गई है, जिससे शहर एक लॉजिस्टिक हब के रूप में उभरेगा। यह रेलवे के विकास और इंदौर की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

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