खंडवा नगर निगम की बड़ी लापरवाही: जीवित दृष्टिबाधित महिला को समग्र आईडी में दिखाया मृत, दो साल से पेंशन बंद
खंडवा में नगर निगम की लापरवाही से जीवित दृष्टिबाधित महिला को समग्र आईडी में मृत दर्ज कर दिया गया, जिससे दो साल से उसकी पेंशन बंद है। जिला पंचायत सीईओ ने जांच के आदेश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के प्रशासनिक दावों की पोल खोलता हुआ एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां नगर निगम की घोर लापरवाही के कारण एक जीवित, दिव्यांग और पूरी तरह दृष्टिबाधित बुजुर्ग महिला को सरकारी रिकॉर्ड (समग्र पोर्टल) में 'मृत' घोषित कर दिया गया। इस प्रशासनिक चूक का खामियाजा असहाय महिला को अपनी एकमात्र आजीविका यानी सामाजिक सुरक्षा पेंशन गंवाकर भुगतना पड़ रहा है। बीते दो वर्षों से पेंशन अचानक बंद हो जाने के कारण वृद्धा के सामने गहरा जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है।
📅 21 सितंबर 2024 को समग्र पोर्टल पर दर्ज हुई मौत; परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय
मामले का पूरा विवरण और पीड़िता की व्यथा:
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निवासी व स्थिति: खंडवा के निर्मल धाम, चीरा खदान क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता शशिकला न केवल शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, बल्कि पूरी तरह दृष्टिबाधित भी हैं।
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गलत प्रविष्टि: समग्र पोर्टल के रिकॉर्ड के अनुसार 21 सितंबर 2024 को महिला को 'मृत' दर्ज कर दिया गया, जबकि महिला पूरी तरह जीवित है।
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पेंशन ही था सहारा: पीड़िता का परिवार बेहद गरीब है और शासन की ओर से हर महीने मिलने वाली पेंशन ही उनके जीवन यापन का मुख्य आधार थी। समग्र आईडी में मृत दर्ज होते ही उनकी पेंशन तुरंत रोक दी गई, जिसके बाद से ही पीड़िता और उनके परिजन अपने जीवित होने का प्रमाण देने के लिए लगातार सरकारी दफ्तरों की चौखट नाप रहे हैं।
📄 दर्जनों बार आवेदन देने के बाद भी अधिकारियों ने नहीं सुधारी गलती; नेता प्रतिपक्ष ने खोला मोर्चा
प्रशासकीय अनदेखी और राजनीतिक प्रतिक्रिया:
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लापरवाही का आलम: महिला और उनके परिजनों ने नगर निगम कार्यालय में कई बार लिखित आवेदन प्रस्तुत किए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने समग्र आईडी में सुधार करने और पेंशन बहाल करने की जहमत नहीं उठाई।
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नेता प्रतिपक्ष की मांग: नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौड़ 'मुल्लू' ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से उठाते हुए जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक जीवित और बेबस महिला को रिकॉर्ड में मृत बता देना अक्षम्य अपराध है। उन्होंने महिला की समग्र आईडी तुरंत दुरुस्त करने, बंद पेंशन चालू कराकर अब तक की पूरी बकाया राशि का भुगतान करने और दोषी कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
🔍 जिला पंचायत सीईओ ऐश्वर्य वर्मा ने दिए जांच के आदेश; जांच के बाद होगी कार्रवाई
प्रशासन का आधिकारिक पक्ष:
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जांच शुरू: इस अमानवीय लापरवाही का मामला मीडिया और जन प्रतिनिधियों के माध्यम से सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है।
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सीईओ का बयान: जिला पंचायत सीईओ ऐश्वर्य वर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि महिला द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर संबंधित विभाग को तुरंत विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक व प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और महिला की पेंशन शीघ्र बहाल की जाएगी।
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