Tiger Attack in Noradehi: नौरादेही टाइगर रिजर्व में बाघ का हमला; वीडियो वायरल होने के बाद जांच में जुटी वन विभाग और STSF की टीम
नौरादेही टाइगर रिजर्व में बाघ के हमले का वीडियो वायरल। गोली चलाने के दावों पर वन विभाग की जांच जारी, वन्यजीव एक्टिविस्ट ने उठाए कई सवाल।
सागर। नौरादेही (वीरांगना रानी दुर्गावती) टाइगर रिजर्व में बाघ द्वारा युवक पर हमला किए जाने की घटना ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि युवक पर हमले से पहले ग्रामीणों ने बाघ पर गोली चलाई थी, जिससे वह आक्रामक हो गया। हालाँकि, वन विभाग की प्रारंभिक जांच में अब तक गोली चलने के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।
🔎 क्या है एक्टिविस्ट अजय दुबे के आरोप?
वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने मुख्य सचिव और वन विभाग के आला अधिकारियों को शिकायत भेजकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 22 जून को घटना के समय पेट्रोलिंग टीम मौके पर नदारद थी। दुबे ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटनास्थल का निरीक्षण काफी देरी से किया गया और ग्रामीणों के बयान दर्ज करने का तरीका भी संदिग्ध था। उन्होंने टाइगर रिजर्व के कोर जोन में स्थित पटना मुहली गांव के अब तक विस्थापन न होने पर भी नाराजगी जताई है।
⚖️ वन विभाग की जांच और तर्क
शिकायत के बाद जांच टीम ने मेटल डिटेक्टर के साथ घटनास्थल की तलाशी ली, जिसमें कोई कारतूस या खोखा नहीं मिला। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में बंदूक के लाइसेंस जारी नहीं किए जाते हैं और वायरल वीडियो में भी गोली चलने की कोई आवाज नहीं है। विभाग का कहना है कि बाघ और युवक के बीच की दूरी कम थी और संभव है कि किसी ने बाघ को डराने के लिए पत्थर फेंका हो।
🕵️ STSF कर रही है विस्तृत जांच
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि बाघ पर पत्थर फेंके गए हैं, तो यह भी कानूनन अपराध है और इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) भी जांच में जुट गई है। विभाग ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाएगी।
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