Global Crisis: अमेरिका-ईरान के बीच टूटा सीजफायर? राष्ट्रपति ट्रंप बोले- सैन्य अभियान पूरा होने पर ईरान का अस्तित्व नहीं बचेगा
अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़ा तनाव। राष्ट्रपति ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी, सैन्य ठिकानों पर अमेरिका के लगातार दूसरे दिन हवाई हमले।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान ने सीजफायर का उल्लंघन बंद नहीं किया और अमेरिका को अपना सैन्य अभियान पूरा करना पड़ा, तो 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान' का अस्तित्व ही नहीं बचेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान के कई प्रमुख सैन्य ठिकानों को हवाई हमलों में निशाना बनाया है।
✈️ अमेरिकी कार्रवाई और ट्रंप का कड़ा रुख
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर स्पष्ट किया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों तथा समुद्री तट पर स्थित रडार सिस्टम को ध्वस्त कर दिया है। ट्रंप का आरोप है कि ईरान ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब तक संयम बरत रहा है, लेकिन यदि हमले नहीं रुके, तो अमेरिका अपने सैन्य अभियान को निर्णायक मोड़ तक ले जाएगा।
🚢 क्यों शुरू हुई यह सैन्य कार्रवाई?
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई राष्ट्रपति के आदेश पर की गई है। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर 'M/T Kiku' पर आत्मघाती ड्रोन से हमला किया था। यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था और इसमें 20 लाख बैरल कच्चा तेल मौजूद था। जवाब में, अमेरिका ने ईरान के निगरानी सिस्टम, संचार नेटवर्क, एयर डिफेंस और समुद्री माइंस बिछाने की क्षमता को नष्ट कर दिया है।
🛡️ वेंस ने किया समर्थन, बढ़ी वैश्विक चिंता
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इस सैन्य कार्रवाई का पूर्ण समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सीजफायर समझौते का पालन कर रहा है, लेकिन ईरान की ओर से होने वाली किसी भी हिंसा का जवाब 'हिंसा' से ही दिया जाएगा। इन हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ गई हैं। दोनों देशों के बीच बना नाजुक समझौता अब अपनी सबसे कठिन परीक्षा से गुजर रहा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)