कराची हमले में भारत का नाम घसीटने पर भड़का भारत; पाकिस्तान को दिया करारा जवाब- 'अपनी जमीन से आतंकवाद खत्म करो'

कराची के सिंध रेंजर्स कंपाउंड पर हुए आतंकी हमले के आरोपों को भारत ने पूरी तरह खारिज किया। पाक को दी अपने आतंकी ढांचे को खत्म करने की सख्त नसीहत।

Jun 28, 2026 - 18:12
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कराची हमले में भारत का नाम घसीटने पर भड़का भारत; पाकिस्तान को दिया करारा जवाब- 'अपनी जमीन से आतंकवाद खत्म करो'

भारत ने पाकिस्तान के उन सभी बेबुनियाद आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें उसे कराची के सिंध रेंजर्स कंपाउंड पर हुए आतंकी हमले से जोड़ने की कोशिश की गई। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि इस्लामाबाद को दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपनी जमीन पर पनप रहे आतंकी नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

⚔️ पाकिस्तान को 'आतंकवाद की नीति' छोड़ने की सलाह

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान की पुरानी आदत 'सरकारी नीति के तौर पर आतंकवाद' का इस्तेमाल करने की रही है। भारत ने पाकिस्तान को सलाह दी है कि वह 'आतंकवाद की सरकारी नीति' को छोड़कर अपने इलाके में काम कर रहे आतंकी संगठनों के खिलाफ विश्वसनीय और ठोस कार्रवाई करे। यह प्रतिक्रिया कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में हुए उस भीषण हमले के बाद आई है, जिसमें चार पैरामिलिट्री जवानों की जान चली गई थी।

💥 कराची हमला: 90 मिनट तक चला ऑपरेशन

पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, शनिवार शाम हुए इस हमले में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग हेडक्वार्टर में जबरन प्रवेश किया। हमलावरों ने न केवल मुख्य गेट पर गाड़ी घुसाई, बल्कि ग्रेनेड से भी कई धमाके किए। करीब 90 मिनट तक चली इस भीषण मुठभेड़ में छह आतंकवादी मारे गए, जबकि एक को जिंदा पकड़ लिया गया। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े गुट 'जमात-उल-अहरार' ने ली है।

📉 सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ते सवाल

यह घटना अक्टूबर 2024 के बाद कराची में हुआ सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बढ़ती आतंकी घटनाओं और अफगानिस्तान के साथ सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच, पाकिस्तान के लिए यह हमला सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है। इस्लामाबाद लगातार अफगान सरकार पर TTP को शह देने का आरोप लगा रहा है, हालांकि काबुल ने इन दावों को हमेशा खारिज किया है।

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