तस्करों को धमकाने वाला शराब ठेकेदार खुद निकला 13 साल का इनामी; पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
मुरैना में तस्करों को धमकाने वाला शराब ठेकेदार सुरेश उपाध्याय गिरफ्तार। जांच में खुलासा- 13 साल से 5 हजार का इनामी था आरोपी। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।
मुरैना। चंबल अंचल में शराब ठेकेदार सुरेश उपाध्याय द्वारा अपने समर्थकों के साथ हथियारों के बल पर तस्करों को धमकाने का वीडियो वायरल होने के बाद अब स्थिति पलट गई है। जिस ठेकेदार को पुलिस एक पक्ष मानकर चल रही थी, गिरफ्तारी के बाद उसका जो आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया, उसने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी पिछले 13 वर्षों से पुलिस की पकड़ से दूर एक घोषित इनामी बदमाश निकला।
🕵️ क्या है पूरा मामला?
घटना की शुरुआत तब हुई जब जौरी गांव निवासी सुरेश उपाध्याय ने आरोप लगाया कि शराब तस्करों ने उसके घर पर फायरिंग की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया। लेकिन अगले ही दिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सुरेश उपाध्याय खुद हाथों में रायफल और पिस्टल लिए निबी गांव में तस्करों को धमकाते और गाली-गलौज करते नजर आया। इस वीडियो के सामने आते ही पुलिस हरकत में आई और ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया।
📊 13 साल का काला सच: पुलिस के साथ मधुर संबंध और फरार इनामी
गिरफ्तारी के बाद जब सिविल लाइन थाना पुलिस ने उसका ऑनलाइन रिकॉर्ड खंगाला, तो पता चला कि वह जौरा थाने में दर्ज आबकारी अधिनियम के 13 साल पुराने मामले में 5,000 रुपये का इनामी अपराधी है। सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि इतने वर्षों तक वह पुलिस अधिकारियों के बीच सक्रिय रहा, कई थाना प्रभारियों के साथ उसके अच्छे संबंध थे, लेकिन किसी को उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की भनक तक नहीं लगी।
⚖️ अब कानूनी शिकंजे में आरोपी
सिविल लाइन थाना प्रभारी उदयभान सिंह यादव ने बताया कि वीडियो की पुष्टि होने के बाद मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। रिकॉर्ड खंगालने पर इनामी होने की जानकारी मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे जौरा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि आखिर इतने लंबे समय तक एक इनामी बदमाश पुलिस की नजरों से कैसे बचता रहा।
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