चोरानी गांव में बिजली गिरने से दहला इलाका; प्राचीन मंदिरों को हुआ भारी नुकसान, प्रशासन अलर्ट
रतलाम के चोरानी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 200 साल पुराने राम और लक्ष्मी नारायण मंदिर के शिखर ध्वस्त। धमाके से सहमे ग्रामीण, प्रशासन ने शुरू की जांच।
रतलाम। जिले के चोरानी गांव में बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि आकाशीय बिजली गिरने से एक बड़ी दुर्घटना हुई। इस घटना में गांव के 200 साल पुराने प्राचीन राम मंदिर और लक्ष्मी नारायण मंदिर के शिखर पूरी तरह ध्वस्त हो गए। बिजली गिरने की आवाज और धमाका इतना भीषण था कि आसपास के 2 किलोमीटर के दायरे में लोग दहशत में आ गए। सुबह जब ग्रामीण मंदिर परिसर पहुंचे, तो उन्हें भारी क्षति का पता चला।
🏛️ 200 साल पुराने इतिहास को क्षति
ग्रामीणों के अनुसार, यह मंदिर लगभग दो सदी पुराने हैं, जिनका वर्ष 2011 में भव्य जीर्णोद्धार कराया गया था। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मुख्य शिखर पूरी तरह जमींदोज हो गया, जबकि अंबे माता मंदिर सहित अन्य शिखरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं और मलबे का ढेर लग गया। स्थानीय निवासी मूलचंद चौरसिया ने बताया कि बिजली गिरने की गूंज इतनी तेज थी कि पूरा गांव भयभीत हो गया था।
🛠️ ग्रामीणों की मांग और प्रशासन की कार्रवाई
मंदिरों की दुर्दशा देखकर ग्रामीणों ने प्रशासन से इनके त्वरित पुनर्निर्माण की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रतलाम ग्रामीण एसडीएम आर्ची हरित ने बताया कि सूचना मिलते ही पटवारी और राजस्व अधिकारियों की टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और नियमानुसार उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
⚠️ मानसून और आकाशीय बिजली से बचाव
यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि मानसून के दौरान आकाशीय बिजली का खतरा कितना अधिक होता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज गरज-चमक वाली बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और ऊंचे पेड़ों या असुरक्षित ढांचों से दूरी बनाए रखें। फिलहाल, ग्रामीणों में प्राचीन धरोहर के क्षतिग्रस्त होने को लेकर गहरा दुख है और वे शासन से सहयोग की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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