मानसून के चलते कोर जोन में पर्यटन बंद; 900 सुरक्षाकर्मियों और हाथियों के साथ शुरू हुई स्पेशल पेट्रोलिंग
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 1 जुलाई से 30 सितंबर तक कोर जोन में पर्यटन बंद। 900 सुरक्षाकर्मी, हाथी और ड्रोन से होगी जंगल की निगरानी। पढ़ें मानसून का स्पेशल प्लान।
उमरिया। मानसून के आगमन के साथ ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने 1 जुलाई से अपने कोर जोन में पर्यटकों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह रोक 30 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। प्रबंधन का कहना है कि बरसात के दौरान जंगल की सुरक्षा और वन्य प्राणियों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
🛡️ सुरक्षा का 'स्पेशल प्लान': ड्रोन और हाथियों का सहारा
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय के अनुसार, इस मानसून सीजन के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। 1536 वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभयारण्य में 175 पेट्रोलिंग कैंप स्थापित किए गए हैं, जहाँ 900 से अधिक सुरक्षा प्रहरी 300 संवेदनशील पॉइंट्स पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखेंगे। दुर्गम रास्तों और जलभराव वाले क्षेत्रों में गश्त के लिए प्रबंधन ने 7 से 8 हाथियों को तैनात किया है, साथ ही तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन के जरिए भी दुर्गम क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
🔍 600 रूटों पर होगी कड़ी मॉनिटरिंग
टाइगर रिजर्व की सभी 9 रेंज (6 कोर और 3 बफर) में मानसून गश्ती शुरू कर दी गई है। अवैध शिकार और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए वन विभाग ने 600 विशेष रूट तैयार किए हैं। मानसून के कारण कई वन मार्ग क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिससे अवैध गतिविधियों के बढ़ने का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती गांवों और संवेदनशील इलाकों में वन अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
🐅 संवेदनशील वन्य प्राणियों की सुरक्षा
बांधवगढ़ में बाघों और हाथियों की बहुतायत इसे दुनिया के सबसे संवेदनशील टाइगर रिजर्व में से एक बनाती है। वन अमला यह सुनिश्चित कर रहा है कि बरसात के दौरान जंगल के रास्ते बंद होने का फायदा उठाकर कोई शिकारी या अवैध गतिविधि करने वाला सक्रिय न हो सके। नियमित पैदल गश्ती और आधुनिक निगरानी प्रणालियों के समन्वय से प्रबंधन वन्य प्राणियों को एक सुरक्षित वातावरण देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
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