धार के जामला गांव में कुदरत का कहर; बाढ़ में बहने लगा बुजुर्ग का शव, मची अफरा-तफरी

धार के जामला गांव में श्मशान घाट पर आई बाढ़। अंतिम संस्कार के दौरान उफनते नाले में बही चिता। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए शव को सुरक्षित बाहर निकाला।

Jul 04, 2026 - 18:21
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धार के जामला गांव में कुदरत का कहर; बाढ़ में बहने लगा बुजुर्ग का शव, मची अफरा-तफरी

धार। धार जिले के बाग इलाके के जामला गांव में गुरुवार को एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई। गांव के एक बुजुर्ग बापू नाछरिया रावत (62) के अंतिम संस्कार के दौरान अचानक आई बाढ़ ने श्मशान घाट को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते नाले का पानी जलती चिता तक पहुँच गया और बुजुर्ग के पार्थिव शरीर को बहाने लगा। इस खौफनाक मंजर ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।

⛈️ पल भर में बदला मंजर, परिजनों की बढ़ी मुश्किलें

परिजनों ने बुजुर्ग के पार्थिव शरीर को रीति-रिवाज के साथ मुखाग्नि दी थी। परिजन भारी मन से चिता के पास खड़े थे, तभी अचानक हुई मूसलाधार बारिश के चलते पास का नाला उफान पर आ गया। जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि श्मशान घाट जलमग्न हो गया और तेज बहाव ने चिता को बिखेर दिया। इस घटना ने शोक में डूबे परिजनों को और अधिक विचलित कर दिया।

💪 ग्रामीणों का अदम्य साहस

इस संकट की घड़ी में गांव के युवाओं और ग्रामीणों ने अद्वितीय साहस का परिचय दिया। जान जोखिम में डालकर लोग उफनते पानी में कूदे और बहते हुए शव को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, तब तक चिता का कुछ हिस्सा आग की चपेट में आ चुका था। इस जज्बे के कारण ही अंतिम विदाई की मर्यादा बची रह सकी।

🕯️ घंटों इंतजार के बाद पूरी हुई अंतिम विदाई

शव को सुरक्षित निकालने के बाद, बदहवास परिजन और ग्रामीण घंटों तक नाले के किनारे पानी का स्तर कम होने का इंतजार करते रहे। अंततः जब स्थिति सामान्य हुई, तब पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न की गई। अपनों को खोने के गम के बीच अंतिम विदाई के वक्त आई इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन ने भी मानसून के दौरान नदी-नालों के किनारे सावधानी बरतने की अपील की है।

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