पन्ना जिला अस्पताल के डिलीवरी वार्ड में भरा बारिश का पानी; मरीजों और परिजनों की बढ़ी मुसीबत
पन्ना जिला अस्पताल के वार्डों में जलभराव से मरीज परेशान। 3 साल से जारी इस समस्या के कारण प्रसूताओं और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पन्ना। जिले में हुई 2 से 3 घंटे की मूसलाधार बारिश ने जिला चिकित्सालय की बदहाली की पोल खोल दी है। डिलीवरी वार्ड और मेल वार्ड में पानी भर जाने से प्रसूताओं, बीमार मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई। स्थिति इतनी भयावह थी कि मरीजों को अपना सामान और खुद को बचाने के लिए बिस्तरों पर ही सिमटना पड़ा। सफाईकर्मियों ने पानी निकालने का भरसक प्रयास किया, लेकिन बारिश की तीव्रता के आगे सब बेबस नजर आए।
⏳ 3 साल से कायम है जलभराव की समस्या
यह पहली बार नहीं है जब पन्ना जिला अस्पताल में जलभराव हुआ है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि पिछले 3 वर्षों से हर बारिश में यही स्थिति बनती है। वार्डों में पानी भरने से न केवल मरीजों को संक्रमण का खतरा बना रहता है, बल्कि उनके उपचार में भी बाधा आती है। जब भी बारिश होती है, मरीजों को अपने बिस्तर पर ही बैठकर पूरी रात गुजारने पर विवश होना पड़ता है।
📢 प्रशासन का दखल: तहसीलदार ने संभाला मोर्चा
वार्डों में पानी भरने की सूचना मिलने पर तहसीलदार अखिलेश प्रजापति जिला चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने तत्काल अस्पताल प्रबंधन को सक्रिय करते हुए पानी निकासी के निर्देश दिए, जिसके बाद पानी निकालने का कार्य तेज गति से शुरू हो सका।
📉 पुरानी बिल्डिंग और ड्रेनेज की समस्या का दंश
सिविल सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता ने इस स्थिति के लिए अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि पुरानी बिल्डिंग जमीन के लेवल से करीब 5 फीट नीचे है, जिससे पानी स्वतः बाहर नहीं निकल पाता। साथ ही, पाइपों में ब्लॉकेज और पीछे चल रहे नई बिल्डिंग के निर्माण कार्य के कारण भी पुरानी बिल्डिंग की जल निकासी बाधित हुई है। उन्होंने बताया कि सफाई और पाइप सुधार के लिए पत्राचार किया गया है, लेकिन बजट के अभाव में अभी स्थाई समाधान नहीं हो पाया है।
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