मध्य प्रदेश में जल्द लागू होगा समान नागरिक संहिता; सीएम मोहन यादव ने कहा- 'एक देश, एक कानून' होगा अनिवार्य

मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का ऐलान किया। मानसून सत्र में प्रस्ताव आने की संभावना। लिव-इन पर भी नियमों में बदलाव संभव।

Jul 09, 2026 - 18:12
0
मध्य प्रदेश में जल्द लागू होगा समान नागरिक संहिता; सीएम मोहन यादव ने कहा- 'एक देश, एक कानून' होगा अनिवार्य

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के अपने संकल्प को दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इसी महीने होने वाले विधानसभा सत्र में सरकार UCC का प्रस्ताव पेश करेगी। मुख्यमंत्री का मानना है कि देश में धर्म के आधार पर अलग-अलग कानून होने के बजाय 'एक देश-एक विधान' की व्यवस्था होनी चाहिए, जो न केवल राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेगी, बल्कि मुस्लिम बहनों सहित समाज के सभी वर्गों के आत्मसम्मान की रक्षा भी करेगी।

📋 समिति की तैयारी और ड्राफ्ट की रूपरेखा

UCC के मसौदे को तैयार करने के लिए गठित 6 सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी का कार्यकाल अब 26 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में यह समिति कार्य कर रही है। समिति ने प्रदेश भर से प्राप्त 9 लाख से अधिक सुझावों का अध्ययन किया है, जिनमें से करीब 4 लाख सुझाव डिजिटल माध्यमों से मिले हैं। इन सुझावों को ड्राफ्ट में शामिल करके एक व्यापक कानून तैयार किया जा रहा है।

🏠 लिव-इन रिलेशनशिप के लिए अनिवार्य हो सकता है रजिस्ट्रेशन

मध्य प्रदेश के प्रस्तावित UCC ड्राफ्ट में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर कड़े प्रावधानों की चर्चा है। संभावना जताई जा रही है कि सरकार इसमें 'रजिस्ट्रेशन' को अनिवार्य बना सकती है। वर्तमान में इस तरह के रिश्तों में कोई कानूनी बाध्यता नहीं है, लेकिन नए नियमों के तहत जुबानी रिश्ते जोड़ने या तोड़ने की प्रक्रिया को खत्म कर, शादी की तर्ज पर अलग होने की एक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

🚀 कांग्रेस के लिए नया राजनीतिक दांव

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह कदम समाज में समानता लाने के लिए उठाया जा रहा है। इस घोषणा को राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि यह कदम उन लोगों के लिए एक बड़ा झटका होगा जो अलग-अलग कानूनों के पक्ष में रहे हैं। अब सभी की निगाहें मानसून सत्र पर टिकी हैं, जहां इस ऐतिहासिक कानून के पेश होने की उम्मीद है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User