महेश्वर तीन दिवसीय नदी महोत्सव का हुआ आगाज गजल सहित क्लासिकल कत्थक ने बांधा दर्शकों के बीच समा
देसी विदेशी मेहमान हुए शामिल

तीन दिवसीय नदी महोत्सव का हुआ आगाज ग़जल सहित क्लासिकल कत्थक ने बांधा दर्शकों के बीच समा
खरगोन (अजय तिवारी) महेश्वर में देवी श्री अहिल्याबाई होल्कर मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में गुरुवार से तीन दिवसीय पवित्र नदी महोत्सव का आयोजन किया शुरू हुआ। आयोजन में मुख्य रूप से ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवाजी राव होलकर, युवराज यशवंत राव होलकर के साथ नगर के गणमान्य और देसी विदेशी मेहमान शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 6 बजे गजल गायक जितेंद्र सिंह जामवाल के द्वारा प्रस्तुति दी गई। उन्होंने रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए था अहमद फराज की गजल से कार्यक्रम का आगाज किया इसके बाद चांद तारे ना ये वह चाहिए कुछ खिलौने नहीं मुझको तू चाहिए इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में गाए जाने वाला डोगरी गीत भी उनके द्वारा प्रस्तुत किया गया। शाम 7:15 बजे कत्थक कलाकार गुरु ज्योत्स्ना सोहनी और साथी कलाकार पार्णिका बोड़स, प्राजक्ता दातार, प्रीसियस पाटीदार द्वारा शुद्ध शास्त्रीय कथक शिव स्तुति से कथक का शुभारंभ हुआ जिसमे शंकर महादेव देवम जय जय गिरिजा पति की प्रस्तुति हुई। इसके बाद बिंदादिन महाराज द्वारा रचित ठुमरी सब बन ठन आई की प्रस्तुति के साथ ठुमरी की अनेक प्रस्तुतियां दी गई। तीन दिवसीय सीक्रेट रिवर फेस्टिवल कार्यक्रम के दौरान नर्मदा तट और किला परिसर को फूलों के साथ दीपकों से रोशनी से सजाया गया। नर्मदा नदी के बीच टिमटिमाते दीपको का अदृश्य देखते ही बन रहा था। सभी कार्यक्रमों को दर्शकों द्वारा मंत्र मुग्ध होकर देखा एवं सराहा गया।
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