बांधवगढ़ से रेस्क्यू किए गए 5 माह के घायल भालू शावक की रिकवरी; अब खतरे से बाहर है लूना
बांधवगढ़ से रेस्क्यू किए गए घायल भालू शावक 'लूना' को भोपाल के वन विहार में नया जीवन मिला। इलाज के बाद अब पूरी तरह खतरे से बाहर है नन्हा भालू।
भोपाल। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर जोन में मां से बिछड़े एक 5 माह के स्लॉथ भालू के शावक को भोपाल के वन विहार में नई जिंदगी मिली है। गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाए गए इस शावक को जब वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया था, तब इसकी स्थिति अत्यंत नाजुक थी। विशेषज्ञों की कड़ी मेहनत और लगातार इलाज के चलते अब यह शावक न केवल खतरे से बाहर है, बल्कि तेजी से स्वस्थ हो रहा है। इसे प्यार से 'लूना' नाम दिया गया है।
🤕 ऊंचाई से गिरने से लगी थी गंभीर चोटें
वन विहार के संचालक विजय कुमार ने बताया कि रेस्क्यू के समय लूना एनीमिया से पीड़ित था और अत्यधिक कमजोरी के कारण उसका वजन भी बहुत कम हो गया था। जांच में सामने आया कि उसके पिछले पैर में गंभीर चोट थी और बाएं कूल्हे में हेयरलाइन फ्रैक्चर था। पंजे की उंगलियों में घाव और तलवों में अल्सर के कारण वह चल-फिर पाने में पूरी तरह असमर्थ था। विशेषज्ञों का मानना है कि संभवतः किसी ऊंचे स्थान से गिरने के कारण उसे ये चोटें आई थीं। टाइगर बहुल क्षेत्र होने के कारण बांधवगढ़ में उसका जीवित बचना बेहद चुनौतीपूर्ण था।
🌱 लूना की चंचलता लौटी, विशेषज्ञों की निगरानी में सुधार
वन विहार की वेटरनरी टीम और वाइल्डलाइफ एसओएस के प्रयासों से लूना का स्वास्थ्य अब स्थिर है। उप निदेशक डॉ. एस. इलयाराजा ने बताया कि शुरुआत में उसकी स्थिति काफी चिंताजनक थी, लेकिन अब वह नियमित आहार ले रहा है और उसके वजन में भी सुधार देखा जा रहा है। अब लूना का स्वाभाविक चंचल व्यवहार भी दिखाई देने लगा है, जो उसके स्वस्थ होने का सबसे बड़ा संकेत है। उसे अभी भी वन्यजीव विशेषज्ञों की विशेष निगरानी में रखा गया है।
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