पूर्व आईएएस नियाज खान का विवादित बयान; कहा- 'मॉब लिंचिंग से बचने के लिए मुस्लिम बदल लें अपना पहनावा'
पूर्व आईएएस नियाज खान का मॉब लिंचिंग पर विवादित बयान। मुस्लिमों को पहनावा बदलने की दी सलाह। लोकतंत्र और नेताओं पर भी उठाए कड़े सवाल। जानें पूरा मामला।
भोपाल। मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड से जुड़े विवादों के बीच, एमपी कैडर के पूर्व आईएएस और लेखक नियाज खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक बेहद विवादित बयान दिया है। मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि, "भारत में मुस्लिमों की जितनी भी मॉब लिंचिंग हुई है, उनमें से अधिकतर घटनाएं कुर्ता-पायजामा, दाढ़ी और टोपी पहनने वालों के साथ हुई हैं।" उन्होंने तर्क दिया कि इस पहनावे से उनकी पहचान आसानी से हो जाती है।
🎭 "तुर्की की तरह पहनें कपड़े": पहचान छिपाने का सुझाव
नियाज खान ने आगे लिखा कि मॉब लिंचिंग से बचने के लिए मुस्लिमों को अपना ड्रेस और हुलिया बदल लेना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि, "मुस्लिमों को तुर्की के मुस्लिमों जैसे कपड़े पहनने चाहिए, ताकि उनकी पहचान छिपी रहे और वे इस तरह की घटनाओं से बच सकें।" अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चा में रहने वाले पूर्व आईएएस का यह सुझाव अब नई बहस को जन्म दे रहा है।
🏛️ लोकतंत्र, नेता और फ्रीबीज पर साधा निशाना
अपने विवादित बयानों के अलावा नियाज खान ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि, "आजाद हुए देशों ने गोरों से लोकतंत्र तो ले लिया, लेकिन इसके बेसिक सिद्धांत छोड़ दिए। यही कारण है कि कई अश्वेत देशों में लोकतंत्र मजाक बनकर रह गया है, जहाँ नेता और अफसर जमकर लूट-खसोट कर रहे हैं।" उन्होंने 'फ्री बीज' (मुफ्त सुविधाएं) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता इन्हीं सुविधाओं में मस्त है और इसका लाभ उठाकर सत्ता में बैठे लोग अपनी तिजोरियां भर रहे हैं।
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