क्या ठंडे बस्ते में गई इंदौर की एलिवेटेड रोड योजना? सर्वे रिपोर्ट में सामने आई ये बड़ी वजहें
इंदौर के मालवा मिल-रसोमा चौराहे के बीच प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना रद्द। सर्वे में जगह की कमी और ट्रैफिक व्यवहारिकता न मिलने के कारण IDA ने लिया निर्णय।
इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा मालवा मिल से रसोमा चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का निर्माण फिलहाल नहीं होगा। फिजिबिलिटी सर्वे रिपोर्ट में इस परियोजना को अव्यावहारिक माना गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मार्ग पर एलिवेटेड रोड बनाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है और निर्माण के बाद नीचे की सड़कों की चौड़ाई बहुत कम हो जाती, जो सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए सही नहीं होता।
📉 क्यों रद्द हुई परियोजना? सर्वे की मुख्य बातें
IDA द्वारा नियुक्त कंसल्टेंट की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, इस मार्ग पर लंबी दूरी का ट्रैफिक कम है और अधिकांश वाहनों का दबाव स्थानीय गलियों व चौराहों का है। यदि एलिवेटेड रोड बन भी जाता, तो भी स्थानीय ट्रैफिक का दबाव कम नहीं होता। इसके अलावा, चौराहों पर वाहनों के आवागमन के लिए आवश्यक 'रैंप' बनाने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं मिली, जिससे जाम की समस्या का समाधान नहीं हो पाता।
🚧 चौराहों पर बढ़ता ट्रैफिक जाम
मालवा मिल, पाटनीपुरा, अनूप टॉकीज, भमौरी और मैकेनिक नगर जैसे प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। यहां वाहनों के आपस में उलझने से दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। अब जबकि एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रस्ताव होल्ड कर दिया गया है, तो प्रशासन को भविष्य में फ्लाईओवर या अन्य वैकल्पिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर नए सिरे से विचार करना होगा ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके।
🚠 केबल कार योजना भी ठंडे बस्ते में
मालवा मिल-पाटनीपुरा से विजय नगर तक के लिए प्रस्तावित 'केबल कार' परियोजना भी फिलहाल ठंडे बस्ते में है। भारी लागत और व्यावहारिक चुनौतियों के कारण यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। सर्वे पर लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद यह परियोजना भी फाइलों में ही सिमट कर रह गई है। बार-बार सर्वे और फिर योजनाओं के होल्ड होने से शहर के प्रमुख ट्रैफिक मार्गों का कायाकल्प अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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