Indore Swamitva Yojana: स्वामित्व अधिकार पत्रों में बड़ी गड़बड़ी; अधूरी जानकारी से रजिस्ट्री और संपत्ति विवाद का खतरा

इंदौर की स्वामित्व योजना के तहत जारी अधिकार पत्रों में नाम, पिता का नाम और पता दर्ज न होने से रजिस्ट्री में आएगी बाधा। क्या है पूरा मामला, पढ़ें रिपोर्ट।

Jul 12, 2026 - 10:03
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Indore Swamitva Yojana: स्वामित्व अधिकार पत्रों में बड़ी गड़बड़ी; अधूरी जानकारी से रजिस्ट्री और संपत्ति विवाद का खतरा

इंदौर। प्रदेश के साथ-साथ इंदौर में भी 'स्वामित्व योजना' के तहत ग्रामीणों को कानूनी संपत्ति स्वामी बनाने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, जारी किए गए अधिकार पत्रों और कम्प्यूटरीकृत खसरों में संपत्ति धारकों की जानकारी इतनी अधूरी है कि असली मालिक की पहचान करना ही मुश्किल हो गया है। कई दस्तावेजों में केवल नाम दर्ज है, जबकि पिता-पति का नाम, सरनेम और पता गायब है। यह विसंगति भविष्य में संपत्ति विवाद और फर्जीवाड़े का बड़ा कारण बन सकती है।

📊 सर्वे में चूक: 500 से अधिक गांवों के रिकॉर्ड में गड़बड़ियां

इंदौर जिले के 541 गांवों में सर्वे कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान बरती गई लापरवाही अब सामने आ रही है। सर्वे में समग्र आईडी से डेटा तो लिया गया, लेकिन दावे-आपत्ति के समय नाम सुधारने की प्रक्रिया ठीक से नहीं हो सकी। कहीं एक ही संपत्ति पर अलग-अलग दावे हैं, तो कहीं दो अलग व्यक्तियों का नाम एक ही होने के बावजूद पहचान के लिए कोई अन्य विवरण (जैसे पता या उपनाम) दर्ज नहीं है।

📜 रजिस्ट्री में आएगी पहचान की समस्या

सरकार अगस्त से इन संपत्तियों की निशुल्क रजिस्ट्री शुरू करने की तैयारी में है, जिसके लिए तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को उप-पंजीयन के अधिकार दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अधिकार पत्र में नाम के अलावा अन्य विवरण नहीं है, तो रजिस्ट्री के समय 'आधार' या अन्य दस्तावेजों से मिलान करना असंभव होगा। इससे गलत व्यक्ति द्वारा रजिस्ट्री कराने का खतरा भी बढ़ गया है। बिचोली हप्पसी के ग्राम तिल्लौर खुर्द में 'अनिता' और 'शोरमबाई' जैसे नामों की पुनरावृत्ति इसका जीवंत उदाहरण है, जहां पहचान करना एक बड़ी चुनौती है।

🛠️ सुधार की उम्मीद: क्या करें संपत्ति धारक?

अधिवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी ने रिकॉर्ड के पुन: सत्यापन और सुधार की मांग की है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि भू-अभिलेखों में सुधार का प्रावधान है। यदि आपके स्वामित्व अधिकार पत्र में नाम, पता या अन्य जानकारी गलत है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। संबंधित तहसील कार्यालय में जाकर संपत्ति धारक तय प्रक्रिया का पालन करते हुए अपने रिकॉर्ड में त्रुटि सुधार करवा सकते हैं। रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होने से पहले इन गलतियों को सुधरवाना ही हित में होगा।

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