कोर्ट ने खारिज की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका; बालिग युवती को अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने का अधिकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का अहम फैसला। बालिग युवती को अपनी मर्जी से रहने का पूर्ण अधिकार। कोर्ट ने कहा- अदालतों को माता-पिता के अहंकार के चलते अभिभावक नहीं बनना चाहिए।
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और बालिग व्यक्ति के अधिकारों को लेकर एक ऐतिहासिक टिप्पणी की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 'मां की ममता' या 'पिता के अहंकार' से प्रेरित होकर अदालतें अभिभावक (Guardian) की भूमिका नहीं निभा सकतीं। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus) को खारिज करते हुए कहा कि एक बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने और अपनी जगह चुनने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है।
👩⚖️ क्या था पूरा मामला?
जबलपुर के गोकलपुर क्षेत्र की रहने वाली एक मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को रितिक चौधरी नाम का युवक बहला-फुसलाकर ले गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर जब युवती को अदालत में पेश किया गया, तो युगलपीठ ने उससे अकेले में चर्चा की। युवती ने कोर्ट के सामने स्पष्ट किया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से रितिक के साथ गई थी। उसने यह भी साफ किया कि उस पर किसी ने कोई दबाव नहीं डाला है और वह अपनी मर्जी से उसी के साथ रहना चाहती है।
📜 हाईकोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी
युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि जब तक कोई व्यक्ति बालिग है, उसे अपने जीवन के फैसले लेने का अधिकार है। यदि वह अपनी मर्जी से कहीं रह रहा है और उसे अवैध रूप से हिरासत में नहीं रखा गया है, तो कोई भी संवैधानिक अदालत उसे जबरन माता-पिता या अन्य किसी व्यक्ति की कस्टडी में नहीं भेज सकती। कोर्ट ने कहा कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का उपयोग तभी किया जा सकता है जब यह साबित हो कि व्यक्ति को वास्तव में अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया है।
💡 कानून और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संदेश
हाईकोर्ट के इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि बालिग व्यक्ति की पसंद और निर्णय सर्वोपरि है। अदालतों का कार्य कानून के दायरे में रहकर अधिकारों की रक्षा करना है, न कि माता-पिता की इच्छा के अनुसार किसी बालिग की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सीमित करना। इस याचिका के निराकरण के साथ ही कोर्ट ने पारिवारिक विवादों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को पुनः स्थापित किया है।
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