असफलताओं से हार नहीं मानी; सागर यूनिवर्सिटी के अजय विश्वकर्मा बने व्याख्याता, यूपी परीक्षा में मिली बड़ी सफलता
सागर यूनिवर्सिटी के शोधार्थी अजय कुमार विश्वकर्मा ने यूपी पीजीटी व्याख्याता परीक्षा 2026 में 6वां स्थान प्राप्त किया। कई असफलताओं के बाद मिली इस शानदार सफलता की कहानी।
सागर। डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के सीनियर रिसर्च स्कॉलर अजय कुमार विश्वकर्मा ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से बड़ी सफलता हासिल की है। थारू जनजातीय समुदाय पर शोध कर रहे अजय ने उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग की पीजीटी (PGT) व्याख्याता परीक्षा 2026 में छठा स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय और समाजशास्त्र विभाग का गौरव बढ़ाया है।
🌟 होनहार छात्र से व्याख्याता तक का सफर
अजय विश्वकर्मा शुरू से ही अकादमिक क्षेत्र में उत्कृष्ट रहे हैं। उन्होंने समाजशास्त्र में एमए के दौरान गोल्ड मेडल प्राप्त किया था। उनकी इस सफलता को उनके गुरुजन एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने कहा कि अजय की यह कामयाबी विभाग के अन्य शोधकर्ताओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। अपनी शोध यात्रा के दौरान अजय ने निरंतर कई राज्यों में सहायक प्रोफेसर और लेक्चरर पदों के लिए परीक्षाएं दीं।
📉 असफलता से सीख और सफलता का मंत्र
अजय का सफर आसान नहीं था। इससे पहले उन्होंने राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में साक्षात्कार तक का सफर तय किया, लेकिन कभी एक नंबर के अंतर से तो कभी प्रतीक्षा सूची (Waiting List) में रह जाने के कारण उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। सिद्धार्थनगर (यूपी) के मूल निवासी अजय ने बताया कि उन्होंने अपनी असफलताओं को ही अपनी सबसे बड़ी सीख माना। अपनी गलतियों पर काम किया और हार मानने के बजाय दोगुने उत्साह के साथ तैयारी जारी रखी।
🙏 सफलता का श्रेय गुरुजनों और परिवार को
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अजय कुमार विश्वकर्मा ने अपने माता-पिता के त्याग, अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन और अपने सच्चे दोस्तों के सहयोग को दिया है। अजय की यह सफलता साबित करती है कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो असफलताएं केवल एक पड़ाव मात्र होती हैं। विश्वविद्यालय परिवार और उनके सहपाठियों ने उन्हें उनकी इस गौरवपूर्ण सफलता पर बधाई दी है।
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