अयोध्या राम मंदिर विवाद: पुजारी महासंघ ने ट्रस्ट को भंग करने की उठाई मांग, वित्तीय अनियमितताओं पर CBI जांच की गुहार

अयोध्या राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं पर अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने ट्रस्ट भंग करने की मांग की है। CBI जांच और नई व्यवस्था की अपील।

Jun 17, 2026 - 14:49
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अयोध्या राम मंदिर विवाद: पुजारी महासंघ ने ट्रस्ट को भंग करने की उठाई मांग, वित्तीय अनियमितताओं पर CBI जांच की गुहार

उज्जैन। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को लेकर सामने आए कथित वित्तीय विवादों पर 'अखिल भारतीय पुजारी महासंघ' ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। महासंघ ने मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और श्रीराम मंदिर आंदोलन में शहीद हुए कारसेवकों के परिजनों एवं प्रमुख दानदाताओं को ट्रस्ट में शामिल करने की मांग की है। संगठन ने दान राशि में कथित हेराफेरी की उच्च स्तरीय CBI जांच की भी अपील की है।

🚩 महासंघ की चिंता: करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़

महासंघ के राष्ट्रीय सचिव रूपेश मेहता ने कहा कि देश के करोड़ों लोगों ने अपनी जीवनभर की कमाई, सोना-चांदी और आभूषण भगवान राम के चरणों में अर्पित किए हैं। ऐसे में मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी की खबरें न केवल चिंताजनक हैं, बल्कि यह श्रद्धालुओं के भरोसे का अपमान भी है। संगठन का मानना है कि जो लोग चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं कर सकते, उन्हें ट्रस्ट में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

⚖️ CBI जांच और नई व्यवस्था की वकालत

अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पुजारी ने स्पष्ट किया कि यदि दान घोटाले के आरोप सत्य हैं, तो यह सनातन धर्म और हिंदू समाज के साथ विश्वासघात है। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि वर्तमान ट्रस्ट को पुनर्गठित किया जाए। उनका तर्क है कि आंदोलन के शहीदों के परिवारों को ट्रस्ट में जगह देने से व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

🗣️ राजनीतिक गलियारों में हलचल: विवेक तन्खा ने साधा निशाना

इस पूरे मामले पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से पूरे देश की आस्था जुड़ी है। मंदिर के चढ़ावे में चोरी या हेराफेरी होना हिंदुओं के साथ एक बड़ा धोखा है। अब मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उठी इन आवाजों ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

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