पन्ना: दृष्टिबाधित पिता की पीड़ा, बच्चों के हॉस्टल एडमिशन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर; जनसुनवाई में लगाई गुहार

पन्ना में दृष्टिबाधित पिता अपने बच्चों के सरकारी हॉस्टल में एडमिशन के लिए परेशान। रिश्वतखोरी के आरोप के बाद एडीएम ने दिए जांच के निर्देश।

Jun 17, 2026 - 14:46
0
पन्ना: दृष्टिबाधित पिता की पीड़ा, बच्चों के हॉस्टल एडमिशन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर; जनसुनवाई में लगाई गुहार

पन्ना। जिले से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहाँ एक दृष्टिबाधित पिता अपने दो बेटों के भविष्य को संवारने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। राम अवतार कुशवाहा नामक यह दिव्यांग पिता अपने बेटों, शिवम और विनय का एडमिशन पन्ना एक्सीलेंस स्कूल में तो करा चुका है, लेकिन बच्चों के रहने के लिए सरकारी छात्रावास (हॉस्टल) न मिल पाने से वह बेहद परेशान है।

🏠 सरकारी छात्रावास की दरकार और भ्रष्टाचार के आरोप

राम अवतार कुशवाहा लाठी के सहारे अपने बच्चों के साथ पन्ना कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने अपर कलेक्टर कुशल कुमार गौतम के समक्ष अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उन्हें मात्र 600 रुपये मासिक पेंशन मिलती है, जिससे घर चलाना ही मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी छात्रावासों में एडमिशन के लिए नियमों का हवाला देकर उन्हें टरकाया जा रहा है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग 4,000 रुपये तक की रिश्वत दे रहे हैं, उनका एडमिशन आसानी से हो रहा है, जबकि उनके जैसे गरीब व्यक्ति को कागजी कार्रवाई में उलझाया जा रहा है।

📋 प्रशासन का आश्वासन: जाँच और कार्रवाई का भरोसा

अपर कलेक्टर कुशल कुमार गौतम ने दिव्यांग राम अवतार का आवेदन गंभीरता से लिया और उसे संबंधित विभाग को अग्रसारित कर दिया। जब इस संबंध में आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी चक्रेश कुमार से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि बच्चों का एडमिशन 'जन शिक्षा केंद्र पन्ना' द्वारा संचालित दिव्यांग छात्रावास में प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने पिता को उस केंद्र में आवेदन करने की सलाह दी है।

📉 शिक्षा बनाम मजबूरी

राम अवतार की कहानी यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुँचने में अभी भी कई अवरोध हैं। एक दृष्टिबाधित पिता का अपने बच्चों को पढ़ाने का संकल्प प्रशंसनीय है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर हो रही देरी और कथित भ्रष्टाचार उनके हौसले को तोड़ रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन कितनी जल्दी इन बच्चों को छात्रावास में प्रवेश दिलाकर उनकी पढ़ाई सुनिश्चित करता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User