इंदौर में रसोई गैस सिलेंडर से निकला पानी; कलेक्ट्रेट में नोजल दबाकर दिखाया तो चौंक गए अधिकारी
इंदौर की जनसुनवाई में एक उपभोक्ता पानी से भरा रसोई गैस सिलेंडर लेकर पहुंचा। गैस की जगह पानी निकलने के इस अनोखे मामले में कलेक्टर शिवम वर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं।
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में जिला प्रशासन की जनसुनवाई के दौरान एक बेहद अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर प्रशासनिक अधिकारी और वहां मौजूद आम लोग दंग रह गए। एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल में पानी मिले होने की शिकायतों की तरह ही अब घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर से गैस के स्थान पर पानी निकलने की गंभीर घटना सामने आई है। पीड़ित उपभोक्ता न्याय की गुहार लगाने के लिए पानी से भरा भारी-भरकम सिलेंडर खुद उठाकर सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गया। जिला प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
💰 एजेंसी की मनमानी: ₹970 देने के बाद भी मिला पानी से भरा सिलेंडर, बदलने के एवज में दोबारा मांगे पूरे पैसे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंदौर के विकास नगर निवासी राजेंद्र सावले ने कई दिनों की मशक्कत और बार-बार बुकिंग करने के बाद बड़ी मुश्किल से एक गैस सिलेंडर प्राप्त किया था। लेकिन जब घर पर खाना बनाने के लिए उसे चूल्हे से जोड़ा गया, तो उसमें से गैस के स्थान पर पानी निकलने लगा। पीड़ित राजेंद्र ने जब इस गंभीर लापरवाही की शिकायत संबंधित गैस एजेंसी में जाकर की, तो एजेंसी प्रबंधन ने अपनी गलती मानने और टंकी बदलने के लिए तो सहमति दे दी, लेकिन इसके बदले में उपभोक्ता से दोबारा पूरी राशि की मांग कर दी। पीड़ित का कहना है कि एक बार ₹970 की पूरी राशि चुकाने के बाद वह दोबारा इतनी ही बड़ी रकम देने की आर्थिक स्थिति में बिल्कुल नहीं था। लिहाजा, एजेंसी ने उसे दूसरा सिलेंडर देने से साफ मना कर दिया।
⚖️ दो महीने तक भटका पीड़ित: उपभोक्ता फोरम में वकील के पैसे नहीं थे, थक-हारकर सीधे पहुंचे जनसुनवाई में
इस अन्याय के बाद परेशान उपभोक्ता न्याय के लिए पिछले 2 महीने तक जहां-तहां भटकता रहा। वह अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए जिला उपभोक्ता फोरम के दफ्तर भी गया, लेकिन पीड़ित के पास निजी वकील करने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे, जिसके कारण वह वहां से निराश होकर घर लौट आया। इस बीच मंगलवार को जिला प्रशासन की साप्ताहिक जनसुनवाई होने के कारण उसने सीधे कलेक्ट्रेट जाने का फैसला किया। वह पानी से भरा गैस सिलेंडर लेकर सीधे कलेक्टर के सामने प्रस्तुत हुआ। इस दौरान पीड़ित ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और मीडिया के सामने गैस सिलेंडर के नोजल को दबाकर दिखाया, जिससे एलपीजी गैस की जगह तेज धार के साथ पानी बाहर निकलने लगा। यह लाइव नजारा देखकर वहां मौजूद हर कोई हैरान रह गया।
📋 कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश: कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा— दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई, टंकी बदलने की प्रक्रिया शुरू
पीड़ित राजेंद्र सावले ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि सिलेंडर में पानी भरकर दिए जाने और गैस एजेंसी द्वारा दोबारा पैसे मांगे जाने के बाद भी खाद्य विभाग या स्थानीय स्तर पर उसकी कोई सुनवाई नहीं की गई थी, जिसके कारण उसे यह कदम उठाना पड़ा। इस पूरे मामले के संज्ञान में आने के बाद इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने इसे एक गंभीर धोखाधड़ी और सुरक्षा से खिलवाड़ मानते हुए पूरे मामले की जांच के कड़े आदेश दिए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने मीडिया को बताया, "जनसुनवाई में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे गैस के स्थान पर पानी से भरा हुआ सिलेंडर डिलीवर किया गया है। उपभोक्ता के हितों के संरक्षण को देखते हुए मैंने संबंधित अधिकारियों को इसकी तत्काल जांच करने के निर्देश दिए हैं।" मामला सुर्खियों में आने के बाद अब विभाग द्वारा पीड़ित को निशुल्क टंकी बदलकर दिए जाने की बात कही जा रही है, हालांकि यह अभी तक पूरी तरह साफ नहीं है कि गैस एजेंसी पुरानी टंकी के बदले में बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के गैस से भरी नई टंकी देगी या नहीं।
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