मुरैना में 4 साल के मासूम के अपहरण का मास्टरमाइंड निकला पिता; फिल्मी अंदाज में ड्राइवर से कराया किडनैप
मुरैना के रैनबो पब्लिक स्कूल से 4 साल के बच्चे के अपहरण का मास्टरमाइंड उसका सगा पिता ही निकला। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में टीमें राजस्थान भेजी हैं।
मुरैना। शहर की पॉश गायत्री कॉलोनी स्थित रैनबो पब्लिक स्कूल से मंगलवार दोपहर को एक 4 वर्षीय मासूम के अपहरण के मामले में पुलिस को बेहद चौंकाने वाली जानकारी मिली है। दिनदहाड़े हुए इस अपहरण का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि बच्चे का सगा पिता ही निकला है। आरोपी पिता मूल रूप से राजस्थान के पाली जिले के हेमावास का रहने वाला है। उसने अपने ही बच्चे का अपहरण अपने निजी ड्राइवर के जरिए बेहद फिल्मी अंदाज में कराया। पुलिस ने जब स्कूल परिसर और आसपास के रास्तों में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, तो उसमें दिख रहे संदिग्ध युवक की पहचान पिता के ड्राइवर नीरज (निवासी पाली, राजस्थान) के रूप में स्पष्ट तौर पर हुई है।
🚗 राजस्थान के पाली रवाना हुई पुलिस: सीसीटीवी फुटेज देखते ही मां ने पहचाना पति का ड्राइवर, धौलपुर होकर भागे आरोपी
वारदात की सूचना मिलते ही सक्रिय हुई साइबर सेल की तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपी वारदात को अंजाम देकर धौलपुर (राजस्थान) के रास्ते होते हुए पाली की ओर भाग रहे हैं। फिलहाल मासूम की सकुशल बरामदगी के लिए मुरैना पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत राजस्थान के पाली जिले के लिए रवाना हो चुकी है। गौरतलब है कि वारदात के बाद मंगलवार शाम तक बच्चे की मां और नानी पुलिस के सामने अज्ञात अपहरणकर्ताओं को पहचानने से लगातार इनकार करती रहीं, लेकिन देर शाम जब पुलिस ने उन्हें स्कूल और आसपास के मुख्य सीसीटीवी फुटेज दिखाए, तो मां ने रोते हुए पूरा राज उगल दिया। पीड़ित मां ने बताया कि बच्चे को स्कूल से गोद में उठाकर ले जाने वाला युवक कोई अनजान अपराधी नहीं, बल्कि उसके पति का ड्राइवर नीरज है। पिता ने ही अपने ड्राइवर के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया है। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि दोनों आरोपी स्कूल की छुट्टी होने से करीब 15 मिनट पहले ही स्कूटी से रेकी कर रहे थे। एक युवक सामने की दुकान के चबूतरे पर बैठकर छुट्टी का इंतजार कर रहा था, जबकि दूसरा स्कूटी से रास्ते की निगरानी कर रहा था।
🏫 स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही: बिना अधिकृत पहचान के शिक्षिका ने अज्ञात युवक के साथ भेजा बच्चा, 15 मिनट पहले रची थी साजिश
जैसे ही दोपहर करीब 12:30 बजे स्कूल की घंटी बजी और बच्चों की छुट्टी हुई, लाल टी-शर्ट पहने आरोपी सीधे स्कूल के भीतर दाखिल हुआ और मासूम का नाम पुकारकर उसे अपने साथ लेकर रफूचक्कर हो गया। यह पूरी वारदात स्कूल के कैमरों में कैद हो गई है। इस मामले में रैनबो पब्लिक स्कूल प्रबंधन की एक गंभीर और अक्षम्य लापरवाही भी खुलकर उजागर हुई है। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, कोई भी स्कूल प्रबंधन केवल अधिकृत अभिभावक या माता-पिता द्वारा प्रमाणित अधिकृत व्यक्ति को ही बच्चा सौंप सकता है। परंतु यहाँ अपहर्ता ने केवल बच्चे का नाम लिया और वहां तैनात शिक्षिका ने बिना किसी पहचान पत्र या तस्दीक के मासूम को उसके साथ भेज दिया, जिससे बच्चे की सुरक्षा सीधे खतरे में पड़ गई।
💬 एसपी धर्मराज मीना का बयान: पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा था पारिवारिक विवाद, पाली पुलिस को दी गई सूचना
इस संवेदनशील मामले को लेकर मुरैना एसपी (SP) धर्मराज मीना ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया, "प्रारंभिक जांच और काउंसलिंग में यह बात सामने आई है कि पति-पत्नी के बीच पिछले लंबे समय से गंभीर पारिवारिक और कानूनी विवाद चल रहा है। महिला अपने पति से अलग होकर अपने इकलौते बेटे के साथ मुरैना स्थित अपने मायके में रह रही थी। बच्चे के पिता ने ही उसे अपनी कस्टडी में लेने के लिए अपने ड्राइवर के माध्यम से स्कूल से अचानक ले जाने की यह अवैध साजिश रची। तकनीकी सर्विलांस में आरोपियों की अंतिम लोकेशन राजस्थान के पाली जिले में ट्रेस हुई है। हमने तुरंत पाली पुलिस अधीक्षक को आवश्यक इनपुट साझा कर दिए हैं और हमारी विशेष टीम भी घेराबंदी के लिए राजस्थान पहुंच चुकी है।"
💔 सोशल मीडिया पर प्यार और अलगाव: फेसबुक दोस्ती से शुरू हुई थी लव स्टोरी, जनवरी 2026 में दोबारा मुरैना लौटी थी पीड़ित मां
मासूम के इस सनसनीखेज अपहरण मामले के पीछे पति-पत्नी के रिश्तों में आई कड़वाहट और दरार की एक लंबी कहानी है। मुरैना की रहने वाली इस महिला की करीब 5 वर्ष पहले राजस्थान के पाली निवासी युवक से फेसबुक (Facebook) पर दोस्ती हुई थी, जो धीरे-धीरे प्यार और फिर प्रेम विवाह में बदल गई। शादी के बाद दोनों करीब 3 से 4 साल तक मुंबई में साथ रहे, जहां उनके बेटे का जन्म हुआ। महिला का आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद से ही उसका पति अत्यधिक शराब और अन्य नशों का आदी हो गया तथा छोटी-मोटी बातों पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट करने लगा। पति प्रताड़ना से बुरी तरह परेशान होकर वह जनवरी 2025 में अपने बेटे को लेकर चुपचाप अपने मायके मुरैना लौट आई थी।
इसके बाद अगस्त 2025 में पति दोबारा मुरैना आया और धोखे से बच्चे को अपने साथ मुंबई ले गया। कोर्ट-कचहरी और समझौते के भरोसे पर महिला भी दोबारा मुंबई पहुंची, लेकिन वहां कुछ समय बाद फिर से प्रताड़ना का वही दौर शुरू हो गया। थक-हारकर वह जनवरी 2026 में दोबारा अपने बेटे के साथ मुरैना लौट आई। महिला ने अपनी आजीविका चलाने के लिए आगरा में एक निजी नौकरी शुरू की और करीब 20 दिन पहले ही बच्चे का दाखिला मुरैना के इस रैनबो पब्लिक स्कूल में कराया था। मामले में मुरैना सीएसपी (CSP) दीपाली चंदौरिया ने बताया कि बच्चे को सकुशल वापस लाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नाकाबंदी की गई है और लापरवाही बरतने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी वैधानिक जांच शुरू कर दी गई है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)