1 क्विंटल 20 किलो की जगह 5 क्विंटल मूंग खरीदने की मांग; हरदा एनएच पर चक्काजाम से यात्री परेशान
हरदा में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों ने इंदौर-नागपुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया है। हाइवे पर ही टेंट लगा दिया गया है।
हरदा। मध्य प्रदेश सरकार की किसान नीतियों के खिलाफ हरदा जिले के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। क्षेत्र के आक्रोशित किसान वर्तमान मोहन यादव सरकार को किसान विरोधी बता रहे हैं। नेशनल हाईवे पर 'आम किसान यूनियन' के आह्वान पर हजारों की संख्या में एकत्रित हुए किसानों ने नागपुर-इंदौर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया है। भीषण गर्मी और तेज धूप होने के बावजूद किसान हाईवे पर छतरियां लगाकर डटे हुए हैं। इसके अतिरिक्त, किसानों ने आंदोलन को लंबा खींचने की तैयारी के तहत हाईवे पर ही बड़ा टेंट (शामियाना) लगा लिया है। वहीं, व्यस्ततम राष्ट्रीय राजमार्ग पर रास्ता पूरी तरह से बंद होने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और वे पैदल जाने को मजबूर हो रहे हैं।
🌾 मूंग खरीदी विवाद: 1 क्विंटल की जगह 5 क्विंटल प्रति एकड़ की मांग, 15 दिनों से चल रहा था धरना
उल्लेखनीय है कि पिछले 15 दिनों से मूंग की सरकारी खरीदी को लेकर किसानों के अलग-अलग संगठन लगातार धरना-प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं। वर्तमान में सरकार द्वारा समर्थन मूल्य (MSP) पर केवल 1 क्विंटल 20 किलो मूंग प्रति एकड़ के मान से खरीदी जा रही है, जबकि किसानों की पुरजोर मांग है कि सरकार इसे बढ़ाकर कम से कम 5 क्विंटल प्रति एकड़ करे। बीते 15 दिनों से किसानों की इस वाजिब मांग पर सरकार की ओर से कोई भी सकारात्मक प्रतिक्रिया या आश्वासन नहीं मिला, जिससे नाराज होकर अंततः किसानों ने नागपुर-इंदौर नेशनल हाईवे पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम करने का कड़ा फैसला लिया। किसानों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार उनकी इस मांग को स्वीकार नहीं करती, तब तक वे हाईवे से चक्काजाम नहीं हटाएंगे।
🔥 अनिश्चितकालीन चक्काजाम: शत-प्रतिशत मूंग खरीदी और एमएसपी गारंटी कानून के लिए आर-पार की लड़ाई
इस अनिश्चितकालीन चक्काजाम में जिले भर से हजारों की संख्या में किसान शामिल होने पहुंचे हैं। दोपहर 12 बजे से शुरू हुए इस चक्काजाम के दौरान प्रशासनिक अमला काफी समय तक मूकदर्शक बना रहा। एक तरफ जहां आंदोलित किसानों ने धूप से बचने के लिए हाईवे पर ही टेंट तान दिया है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मी धूप से बचने के लिए आसपास के पेड़ों की छांव का सहारा लेते नजर आए। आम किसान यूनियन समिति के सक्रिय सदस्य सुनील गोल्या ने बताया कि "2 जुलाई से आम किसान यूनियन शत-प्रतिशत मूंग खरीदी, खाद वितरण प्रणाली में आ रही विसंगतियों को दूर करने, फसल बीमा और एमएसपी (MSP) गारंटी कानून के लिए लगातार ब्लॉक स्तर पर आंदोलन कर रही है। इसके विरोध में गांव-गांव में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का पुतला दहन भी किया गया। बीते 10 जुलाई को शहर के चारों कोनों पर सांकेतिक जाम भी किया गया था। इसके बावजूद जब सरकार की नींद नहीं खुली, तो आज मजबूर होकर पूरे हरदा जिले के किसानों ने मिलकर नेशनल हाईवे को जाम किया है।"
🤝 प्रशासन के साथ वार्ता जारी: फोरलेन पर डटे किसानों को मनाने में जुटे अधिकारी, सुलह की कोशिशें तेज
आम किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष गणेश पटेल ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा, "आज हम सभी किसान यहां फोरलेन पर बैठने को मजबूर हुए हैं क्योंकि सरकार हमारी मूंग की उपज को सही मात्रा में नहीं खरीद रही है। केवल 1 क्विंटल 20 किलो प्रति एकड़ खरीदी करने का जो नियम बनाया गया है, वह किसानों के साथ अन्याय है। हमारी मांग है कि प्रति एकड़ 5 क्विंटल मूंग खरीदी का नियम लागू किया जाए। जब तक यह मांग नहीं मानी जाएगी, हम यहां से उठकर जाने वाले नहीं हैं।" इस पूरे घटनाक्रम और चक्काजाम को लेकर हरदा के एसडीएम (SDM) अशोक कुमार डहेरिया ने बताया, "आम किसान यूनियन द्वारा यहां नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया गया है। वर्तमान में प्रशासन और किसानों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत चल रही है। हम पिछले तीन दिनों से लगातार किसानों के संपर्क में हैं और शांतिपूर्ण तरीके से वार्ता जारी है। जल्द ही कोई न कोई सुलह का रास्ता निकाल लिया जाएगा।"
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)