बारिश के मौसम में श्योपुर में सिलेंडर फटने से तबाही; गरीब मजदूर की पूरी गृहस्थी जलकर खाक, मदद की गुहार
श्योपुर के खेरोदा कलां में चाय बनाते समय गैस सिलेंडर में लगी आग के बाद विस्फोट हो गया। हादसे में गरीब रामसिंह जाटव की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई है।
श्योपुर। जिले के खेरोदा कलां गांव में सुबह-सुबह भड़की भीषण आग ने एक गरीब परिवार का आशियाना पूरी तरह से उजाड़ दिया. गुरुवार सुबह घर में महिला ने जैसे ही चाय बनाने के लिए चूल्हा जलाया, तभी अचानक गैस सिलेंडर से तेजी से आग भड़क गई. देखते ही देखते आग की विकराल लपटों ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया. आग की लपटें इतनी तेज थीं और सिलेंडर फटने का इतना डर था कि लाचार ग्रामीण मूकदर्शक बनकर इस भयावह दृश्य को देखने पर मजबूर रहे. इस भारी बारिश के मौसम में एक गरीब परिवार की पूरी गृहस्थी को अपनी आंखों के सामने स्वाहा होते देख पूरे गांव में मातम छा गया है.
🏃 2. मासूम बच्चे को गोद में लेकर भागा परिवार: ग्रामीणों की आंखों के सामने धमाके के साथ ढहा आशियाना
ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित रामसिंह जाटव की पत्नी राजकुमारी सुबह रसोई में चाय बना रही थीं, तभी गैस रिसाव के कारण अचानक आग भड़क उठी. आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे कच्चे मकान को घेर लिया. आग की भयावहता को भांपते हुए रामसिंह जाटव और उनकी पत्नी अपने दो वर्षीय मासूम बेटे को गोद में लेकर किसी तरह जान बचाकर तुरंत घर से बाहर भागे.
परिवार के बाहर निकलते ही आग और भयानक हो गई. इसी बीच घर के भीतर रखा गैस सिलेंडर अत्यधिक गर्म होने के कारण आग की चपेट में आ गया और कुछ ही पलों में एक जोरदार धमाके के साथ फट गया. धमाका इतना शक्तिशाली था कि पहले से जल रहा कच्चा मकान पूरी तरह से ढह गया और चारों तरफ मलबा बिखर गया.
💔 3. पाई-पाई को तरसा पीड़ित परिवार: पीएम आवास योजना का लाभ न मिलने से अब सिर छुपाने की भी जगह नहीं
इस भयानक हादसे ने एक हंसते-खेलते गरीब परिवार को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है. सिलेंडर ब्लास्ट के बाद लगी आग में घर में रखी मेहनत की गाढ़ी कमाई (नगदी), सोने-चांदी के जेवरात, सालभर का अनाज, कपड़े, बर्तन और पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई.
रामसिंह जाटव पेशे से एक मजदूर हैं और रोज कुआं खोदकर पानी पीने की तर्ज पर मजदूरी से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि इस गरीब परिवार को अब तक सरकारी योजनाओं के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिल पाया था, जिसके कारण वे कच्चे मकान में रहने को विवश थे और अब उनके सिर से वह कच्ची छत भी हमेशा के लिए छिन गई है.
📞 4. प्रशासन से त्वरित आर्थिक सहायता की मांग: खुले आसमान के नीचे भूखे रहने को मजबूर हुआ परिवार
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना कर पंचनामा तैयार किया. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल प्रभाव से आर्थिक सहायता, आपातकालीन राहत सामग्री और पक्का आवास उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है.
पीड़ित महिला राजकुमारी ने रोते हुए अपनी पीड़ा बयां की: "मैं सुबह सामान्य दिनों की तरह चाय बना रही थी, तभी अचानक गैस पाइप में आग लग गई. हम केवल अपने बच्चों की जान बचाकर बाहर भाग पाए. हमारी पूरी जिंदगी की जमा-पूंजी, गहने, अनाज और कपड़े सब जलकर खाक हो गए हैं. अगर सरकार ने हमें तुरंत मदद नहीं दी, तो इस बारिश के मौसम में हमें खुले आसमान के नीचे भूखा-प्यासा रहने पर मजबूर होना पड़ेगा."
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