खंडवा-बुरहानपुर के जंगलों पर बाहरी लोगों का कब्जा! कोरकू समाज ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

खंडवा में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के समर्थन में कोरकू समाज ने महारैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर स्थायी सुरक्षा की मांग की।

Jul 16, 2026 - 18:38
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खंडवा-बुरहानपुर के जंगलों पर बाहरी लोगों का कब्जा! कोरकू समाज ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

खंडवा। जिले के आमाखुजरी क्षेत्र में वन विभाग द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई का पुरजोर समर्थन करते हुए स्थानीय कोरकू समाज ने सड़कों पर उतरकर बड़ा प्रदर्शन किया. दो हजार से अधिक की संख्या में जुटे समाज के लोगों ने गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम से एक विशाल रैली निकाली. रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने "जंगल बचाओ, बाहरियों को भगाओ" के गगनभेदी नारे लगाए. इसके बाद रैली के समापन पर पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें वन भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने और वन विभाग की कार्रवाई को निरंतर जारी रखने की मांग की गई है.

📢 2. खंडवा और बुरहानपुर से उमड़ा आदिवासियों का जनसैलाब: स्टेडियम से जनपद तिराहे तक हुआ भव्य शक्ति प्रदर्शन

जंगल और वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के संकल्प के साथ रविवार को कोरकू समाज के लोगों ने खंडवा की सड़कों पर अपनी एकता का प्रदर्शन किया. दोपहर करीब 1:30 बजे गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम से पारंपरिक आदिवासी बैनर, पोस्टरों और तख्तियों के साथ रैली शुरू हुई, जिस पर "जंगल बचाओ" के नारे लिखे हुए थे. इस रैली में खंडवा के साथ-साथ पड़ोसी जिले बुरहानपुर से भी बड़ी संख्या में कोरकू समाज की महिलाएं और पुरुष शामिल होने पहुंचे. यह रैली जनपद तिराहे से होकर वापस स्टेडियम पर आकर संपन्न हुई, जहां समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर को अपनी मांगों का पत्र सौंपा.

🏹 3. "जंगलों पर बाहरी लोग कर रहे हैं अवैध कब्जा": कोरकू समाज ने लगाया वनोपज छीनने और हमले का आरोप

समाज का नेतृत्व कर रहे भिलाईखेड़ा के मानकलाल ने वनों पर निर्भरता और बाहरी तत्वों के आतंक को रेखांकित करते हुए कहा: "हम कोरकू समाज के लोगों की पूरी आजीविका सदियों से इन वनों पर ही आधारित है. हम पेड़ों और प्रकृति की पूजा करते हैं. जंगल से मिलने वाली वनोपज जैसे महुआ, चार (चिरौंजी), गोंद, तेंदूपत्ता और विभिन्न औषधीय वनस्पतियों से ही हमारे परिवारों का भरण-पोषण होता है. लेकिन पिछले कुछ समय से बड़वानी, सेंधवा, खरगोन और अन्य बाहरी जिलों से आए लोग हमारे पारंपरिक जंगलों पर अवैध कब्जा कर रहे हैं. ये बाहरी तत्व कोरकू समाज के स्थानीय लोगों को जंगल में जाने से रोकते हैं और विरोध करने पर उन पर जानलेवा हमला तक कर देते हैं."

👮 4. सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा भारी पुलिस बल: बैरिकेडिंग कर डायवर्ट किए गए रास्ते

कोरकू समाज के इस विशाल प्रदर्शन और संवेदनशीलता को देखते हुए खंडवा जिला प्रशासन और पुलिस बल सुबह से ही अलर्ट मोड पर रहा. स्टेडियम और रैली मार्ग के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जनपद तिराहे से जिला पंचायत चौराहे तक के पूरे मुख्य मार्ग को आम यातायात के लिए बंद कर दिया गया था. केवल प्रदर्शनकारियों के वाहनों को ही स्टेडियम परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी. नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) अभिनव बारंगे ने स्वयं कोतवाली, पिपलौद और पंधाना थाना प्रभारियों के साथ मोर्चे पर रहकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली, जिसके चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ.

📝 5. सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन: वन भूमि की स्थायी सुरक्षा के लिए रखीं विशेष मांगें

रैली के समापन पर कोरकू समाज के प्रतिनिधियों ने सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी त्वरित मांगें रखीं. ज्ञापन में मांग की गई है कि खंडवा और बुरहानपुर जिले की वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की मुहिम को बिना किसी राजनीतिक दबाव के लगातार जारी रखा जाए. साथ ही, अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि पर दोबारा कब्जे को रोकने के लिए वहां सघन पौधारोपण कराया जाए और सुरक्षा के लिए खाई, ट्रेंच, नई वन चौकियां व वॉच टावर जैसे स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं. इसके अलावा, वन सुरक्षा समितियों को अधिक अधिकार देने, वन अपराधों में लिप्त बाहरी अपराधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और फील्ड पर तैनात वन विभाग के मैदानी अधिकारियों व कर्मचारियों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की मांग भी उठाई गई है.

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