जय जगन्नाथ के उद्घोष से गूंजी ग्यारसपुर तहसील; ड्रोन और CCTV कैमरों की निगरानी में निकला भगवान का रथ

विदिशा के मानोरा में भगवान जगन्नाथ की 300 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रथयात्रा पूरी श्रद्धा के साथ निकाली गई। मेले में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए ड्रोन तैनात हैं।

Jul 16, 2026 - 18:35
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जय जगन्नाथ के उद्घोष से गूंजी ग्यारसपुर तहसील; ड्रोन और CCTV कैमरों की निगरानी में निकला भगवान का रथ

विदिशा। जिले की ग्यारसपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम मानोरा में भगवान जगन्नाथ की करीब 300 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रथयात्रा पूरी श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ निकाली गई. सुबह 5 बजे जैसे ही भगवान जगन्नाथ का भव्य रथ मंदिर परिसर से मुख्य मार्ग के लिए रवाना हुआ, पूरा क्षेत्र 'जय जगन्नाथ' और 'हरे कृष्णा' के भक्तिमय उद्घोष से गुंजायमान हो उठा. तीन दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले और रथयात्रा उत्सव में शामिल होने के लिए देश-प्रदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है. इस धार्मिक महाआयोजन को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला व पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक एवं पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

🚩 2. मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से उमड़े लाखों श्रद्धालु: सुचारू यातायात के लिए बनाए गए अस्थाई पार्किंग और रूट डायवर्जन

भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथ के पावन दर्शन तथा पूजा-अर्चना के लिए मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा देश के अन्य दूर-दराज के राज्यों से भी श्रद्धालु सपरिवार मानोरा पहुंच रहे हैं. पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल-मंजीरों, भजनों और गगनभेदी जयकारों के बीच आगे बढ़ रही इस रथयात्रा में हर कोई भगवान के रथ को छूने और उसकी पवित्र रस्सी को खींचकर पुण्य लाभ कमाने के लिए आतुर नजर आया.

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर से करीब 200 मीटर पहले खेतों में विशाल अस्थाई पार्किंग बनाई गई है, ताकि मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति निर्मित न हो. इसके साथ ही सागर मार्ग पर यातायात के दबाव को कम करने के लिए भारी वाहनों के रूट को अन्य मार्गों पर डायवर्ट किया गया है.

🛡️ 3. ड्रोन और आधुनिक CCTV नेटवर्क से रखी जा रही पल-पल की नजर: सुरक्षा व्यवस्था की कमान वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ

मेला क्षेत्र और रथयात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. सुरक्षा के मद्देनजर मेला क्षेत्र में 500 से अधिक पुलिसकर्मियों को मुस्तैदी से तैनात किया गया है, वहीं 35 से ज्यादा संवेदनशील स्थानों पर पैनी नजर रखने के लिए हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे और आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे परिसर की कड़ी निगरानी की जा रही है.

सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे ने बताया: "इस ऐतिहासिक और पारंपरिक मेले की सुरक्षा व कानून व्यवस्था की कमान खुद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी फील्ड पर रहकर संभाले हुए हैं. मानोरा का यह प्रसिद्ध मेला बुधवार से प्रारंभ हुआ है जिसमें श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ रहा है. एक अनुमान के मुताबिक, कल रात से लेकर अब तक करीब 3 से 4 लाख लोग भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर चुके हैं और श्रद्धालुओं के आने का रेला निरंतर जारी है."

🚒 4. आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस मुस्तैद: रस्सा पार्टियों ने संभाला भीड़ नियंत्रण का मोर्चा

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि पुलिस बल के साथ-साथ स्थानीय कोटवार, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और जिला आपदा प्रबंधन की टीमें भी पूरी मुस्तैदी से 24 घंटे अपनी ड्यूटी निभा रही हैं. किसी भी प्रकार की आकस्मिक या आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटने के लिए मेला परिसर में फायर ब्रिगेड (अग्निशामक दल) और डॉक्टरों की टीम सहित एम्बुलेंस की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं.

अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शनार्थियों की कतारों को सुव्यवस्थित रखने के लिए पुलिस की विशेष रस्सा पार्टियां (Rope Parties) तैनात की गई हैं. जिला व पुलिस प्रशासन का मुख्य ध्येय यही है कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु बिना किसी असुविधा और परेशानी के सुगमतापूर्वक भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकें.

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