निमिषा पांडे, मनीषा पाठक समेत एमपी के 7 पुलिस अफसर बने IPS, देखें पूरी लिस्ट
मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के 7 अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैडर में पदोन्नति मिल गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा (SPS) के सात वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शानदार पदोन्नति मिल गई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2025 की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की उच्च स्तरीय सिफारिशों के आधार पर इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. इसके तहत मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा में कार्यरत डीएसपी (DSP) या उसके समकक्ष पद पर तैनात पुलिस अधिकारियों को उनके लंबे और बेहतरीन सेवा रिकॉर्ड को देखते हुए यह महत्वपूर्ण पदोन्नति दी गई है, जिसे प्रशासनिक भाषा में 'आईपीएस अवॉर्ड' भी कहा जाता है.
मध्य प्रदेश कैडर के तहत इस बार निमिषा पांडे, मनीषा पाठक सोनी और सुमन गुर्जर समेत सात अधिकारियों को यह प्रतिष्ठित IPS अवार्ड मिला है. केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति की अंतिम स्वीकृति के बाद इन सभी सात अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा में एक वर्ष की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि पर नियुक्त किया गया है. इन सभी अधिकारियों को मध्य प्रदेश कैडर ही आवंटित किया गया है. इस प्रोबेशन अवधि के दौरान सभी अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (प्रोबेशन) नियम, 1954 के कड़े प्रावधानों के तहत विशेष इंडक्शन ट्रेनिंग भी दी जाएगी.
आईपीएस कैडर में शामिल होने वाले मध्य प्रदेश के सात सफल पुलिस अधिकारियों के नाम इस प्रकार हैं:
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सीताराम ससत्या
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अमृत मीणा
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निमिषा पांडे
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राजेश मिश्रा
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मनीषा पाठक सोनी
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सुमन गुर्जर
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संदीप मिश्रा
राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस पदोन्नति के लिए इस वर्ष कुल 9 पद निर्धारित किए गए थे. बीते 25 जून को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में हुई डीपीसी (DPC) की बैठक में मुख्य रूप से 1997 और 1998 बैच के योग्य अधिकारियों के नामों और उनकी सर्विस फाइलों पर गहन विचार-विमर्श किया गया था. हालांकि, कड़े मूल्यांकन और सर्विस रिकॉर्ड की जांच के बाद केवल 7 अधिकारी ही इस पदोन्नति के लिए पूरी तरह उपयुक्त पाए गए, जबकि शेष 2 पदों के लिए मापदंडों के अनुसार कोई अन्य अधिकारी उपयुक्त नहीं मिल सका. यह पूरी पदोन्नति प्रक्रिया भारतीय पुलिस सेवा (भर्ती) नियम, 1954 तथा भारतीय पुलिस सेवा (पदोन्नति द्वारा नियुक्ति) विनियम, 1955 के तहत संपन्न की गई है.
राज्य पुलिस सेवा (SPS) के अधिकारियों के सालों के उत्कृष्ट कार्य, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और बेदाग ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें समय-समय पर 'आईपीएस अवॉर्ड' से सम्मानित किया जाता है. यह वास्तव में एक अत्यंत उच्च स्तरीय प्रमोशन प्रक्रिया है, जिसमें प्रांतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को प्रमोट करके सीधा 'भारतीय पुलिस सेवा' (IPS कैडर) प्रदान किया जाता है. किसी भी राज्य पुलिस अधिकारी के पूरे करियर के लिए आईपीएस के रूप में प्रमोट होना एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जाती है.
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