चंदेरी और ग्वालियर के पत्थरों से सजेगा 'मां जागेश्वरी लोक', केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिए कड़े निर्देश
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चंदेरी में ₹20 करोड़ की लागत से बन रहे 'मां जागेश्वरी लोक' का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण में ग्वालियर-चंदेरी के पत्थरों के उपयोग और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं।
अशोकनगर । मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर चंदेरी में प्रसिद्ध जागेश्वरी माता मंदिर को भव्य 'मां जागेश्वरी लोक' के रूप में विकसित किया जा रहा है. अशोकनगर जिले के अपने तीन दिवसीय सघन दौरे के अंतिम दिन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया चंदेरी पहुंचे. यहाँ उन्होंने ₹20 करोड़ की स्वीकृत लागत से चल रहे इस महाप्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों का जमीनी स्तर पर बारीकी से निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने पर्यटन और संस्कृति विभाग के आला अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि यहाँ हो रहे निर्माण कार्यों में इस पूरे क्षेत्रीय अंचल की प्राचीन ऐतिहासिक स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत की स्पष्ट झलक दिखाई देनी चाहिए. निर्माण का स्वरूप ऐसा हो जो चंदेरी के गौरव को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करे.
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मां जागेश्वरी मंदिर के गर्भगृह में पहुंचकर विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख, समृद्धि व नागरिकों के मंगल की कामना की.
सिंधिया के मुख्य निर्देश:
पूजा के उपरांत सिंधिया ने वहां मौजूद जिला कलेक्टर और तकनीकी टीम को मंदिर परिसर के मास्टर प्लान को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "हमारा चंबल-ग्वालियर संभाग प्राचीनकाल से ही बेहतरीन और मजबूत पत्थरों की खदानों के लिए जाना जाता है. इसलिए, इस पूरे 'लोक' के निर्माण में केवल ग्वालियर और चंदेरी के पारंपरिक पत्थरों का ही इस्तेमाल किया जाए. इससे इस भव्य मंदिर में स्थानीय शिल्पकारों की कला और क्षेत्रीय संस्कृति को सीधा बढ़ावा मिलेगा और मंदिर निर्माण में यहाँ की मूल स्थानीय पहचान अक्षुण्ण रहेगी."
| मां जागेश्वरी लोक परियोजना के मुख्य बिंदु | प्रशासनिक एवं विधिक स्टेटस |
| स्वीकृत कुल बजट | ₹20 करोड़ (मध्य प्रदेश शासन द्वारा स्वीकृत) |
| मुख्य निर्माण सामग्री | स्थानीय ग्वालियर और चंदेरी के विशेष पत्थर |
| आर्किटेक्चर मॉडल | उज्जैन के 'महाकाल लोक' की तर्ज पर भव्य और आकर्षक |
| प्रशासनिक आदेश | मंदिर के आसपास से सभी अवैध अतिक्रमण शीघ्र हटाने के निर्देश |
| मार्गदर्शन संस्था | प्राचीन हिस्से के जीर्णोद्धार के लिए पुरातत्व विभाग (Archaeology Dept.) |
मां जागेश्वरी धाम के कायाकल्प के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ₹20 करोड़ की राशि पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है और मौके पर काम भी तेजी से शुरू हो गया है. केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कलेक्टर को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि इस जनहित और आस्था से जुड़े निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी रुकावट नहीं आनी चाहिए. मंदिर के आसपास जो भी अवैध अतिक्रमण या बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए ताकि भव्य मंदिर का निर्माण कार्य समय-सीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ संपन्न हो सके.
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