'पार्षद पतियों के षड्यंत्र से हूं आहत', शहपुरा उपाध्यक्ष मुकेश साहू का बीजेपी जिला अध्यक्ष को इस्तीफा
डिंडौरी के शहपुरा नगर परिषद उपाध्यक्ष मुकेश साहू ने मानसिक प्रताड़ना और राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए पद से इस्तीफा दे दिया है। बीजेपी जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम ने मामले की जांच शुरू की है।
डिंडौरी। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के अंतर्गत आने वाली शहपुरा नगर परिषद की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. नगर परिषद शहपुरा के उपाध्यक्ष मुकेश साहू ने मानसिक प्रताड़ना, अनुचित राजनीतिक दबाव और असहनीय परिस्थितियों का हवाला देते हुए अपने गरिमामयी पद से अचानक त्यागपत्र दे दिया है. मुकेश साहू ने अपना यह आधिकारिक इस्तीफा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के जिला अध्यक्ष को संबोधित करते हुए सौंपा है, जिसके बाद से ही स्थानीय राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है.
📜 2. हमेशा पार्टी अनुशासन को दी प्राथमिकता: इस्तीफे में बयां किया अपना दर्द
बीजेपी जिला अध्यक्ष को भेजे गए अपने विस्तृत त्यागपत्र में मुकेश साहू ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि वे भारतीय जनता पार्टी के एक सच्चे और समर्पित कार्यकर्ता हैं. उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान हमेशा पार्टी के अनुशासन, नीतियों और जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है.
इस्तीफे का मुख्य कारण: मुकेश साहू का आरोप है कि पिछले कुछ समय से नगर परिषद के भीतर स्थितियां उनके अनुकूल नहीं थीं. कुछ खास ताकतों द्वारा उन पर अनुचित कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा था. जब उन्होंने इन गलत नीतियों और निर्देशों का खुलकर विरोध किया, तो उन्हें न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा, बल्कि भविष्य में बड़ा राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की सीधी धमकियां भी दी जाने लगीं.
🛑 3. अधिकारियों-कर्मचारियों को डराने और निःशुल्क जल वितरण में बाधा डालने का गंभीर आरोप
उपाध्यक्ष मुकेश साहू ने नगर परिषद के भीतर चल रहे कथित तानाशाही रवैये को उजागर करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
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प्रशासनिक तंत्र पर दबाव: उनका सीधा आरोप है कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी नियम विरुद्ध निर्देशों को मानने से इनकार करता है, उसे परिषद के कुछ रसूखदार लोगों द्वारा डराया-धमकाया जा रहा है.
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निजी स्वार्थ और षड्यंत्र: परिषद के कुछ पार्षदों और विशेषकर 'पार्षद पतियों' की व्यक्तिगत स्वार्थ भावना और अनियंत्रित राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण उनके खिलाफ लगातार साजिशें रची जा रही हैं.
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जनहित के कार्यों में रुकावट: मुकेश साहू ने बताया कि उनके द्वारा क्षेत्र की जनता के लिए किए जा रहे सामाजिक कार्यों, जैसे अपने निजी वाहनों के माध्यम से प्रभावित वार्डों में किए जा रहे निःशुल्क पेयजल वितरण में भी जानबूझकर लगातार अड़ंगे लगाए जा रहे थे और बाधाएं उत्पन्न की जा रही थीं.
⚡ 4. शहपुरा की राजनीति में भूचाल: बीजेपी जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम ने बैठाई गोपनीय जांच
इन्हीं सब प्रशासनिक और राजनीतिक विसंगतियों से बुरी तरह आहत होकर अंततः उन्होंने नगर परिषद शहपुरा के उपाध्यक्ष पद को छोड़ने का कड़ा निर्णय लिया. मुकेश साहू ने त्यागपत्र के माध्यम से बीजेपी जिला अध्यक्ष से मांग की है कि पत्र में उठाए गए सभी संवेदनशील विषयों पर एक निष्पक्ष और गोपनीय जांच कमेटी गठित की जाए और दोषियों के खिलाफ आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाए.
इस हाई-प्रोफाइल इस्तीफे के बाद शहपुरा नगर परिषद की राजनीति में हलचल बेहद तेज हो गई है. मामला सत्ताधारी दल से जुड़े होने के कारण भाजपा संगठन के अंदरूनी हलकों में भी इसे लेकर मैराथन चर्चाएं शुरू हो गई हैं. इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम ने आधिकारिक बयान देते हुए कहा:
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