इंदौर के हरसिद्धि माता चौराहे का ₹1.31 करोड़ से होगा कायाकल्प, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने किया भूमिपूजन
इंदौर-खंडवा हाईवे पर निर्माणाधीन चोरल सुरंग से जबरन गुजरने को लेकर ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों के बीच भारी विवाद हो गया। वहीं इंदौर महापौर ने हरसिद्धि माता चौराहे के सुंदरीकरण का भूमिपूजन किया।
इंदौर। इंदौर-खंडवा राजमार्ग पर सफर करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है. राजमार्ग पर निर्माणाधीन चोरल सुरंग से समय बचाने के चक्कर में गुजरने की लोगों की जल्दबाजी अब निर्माण एजेंसी और प्रशासन के लिए सिरदर्द बनती जा रही है. वर्तमान में चोरल में करीब 500 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. कार्य स्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए निर्माण एजेंसी ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और सुरंग के दोनों ओर मजबूत बैरिकेड व लोहे के गेट लगा रखे हैं. यहां तक कि अनाधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए चौबीसों घंटे सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं.
शनिवार को स्थानीय ग्रामीणों और कुछ राहगीरों ने निर्माणाधीन सुरंग के भीतर से गुजरने की बात को लेकर निर्माण स्थल पर जमकर हंगामा और विवाद किया.
विवाद की मुख्य वजह:
वाहन चालकों और ग्रामीणों को मुख्य मार्ग से जाने पर करीब तीन किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है. इसी तीन किलोमीटर की दूरी को बचाने के चक्कर में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर निर्माणाधीन सुरंग के रास्ते निकल रहे हैं. शनिवार शाम करीब चार बजे भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और उन्होंने सुरंग से निकलने के लिए तैनात सुरक्षाकर्मियों से तीखी बहस की.
इस दौरान कुछ उग्र वाहन चालकों ने बैरिकेड और मुख्य सुरक्षा गेट को हिलाकर तोड़ने का प्रयास किया और एक ग्रामीण ने जबरन गेट पर जड़ा ताला तोड़ दिया. मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर नागेश्वर राव ने घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि शनिवार को हुए इस गंभीर विवाद के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से लिखित रूप से अवगत करा दिया गया है. इसके साथ ही स्थानीय एसडीएम और सिमरोल पुलिस थाने में भी दोषियों के खिलाफ लिखित आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की गई है. प्रोजेक्ट मैनेजर ने आरोप लगाया कि इस संवेदनशील मामले में स्थानीय पुलिस व प्रशासन से निर्माण एजेंसी को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
सुरंग विवाद के बीच इंदौर शहर से एक बेहद सकारात्मक और विकास से जुड़ी खबर भी सामने आई है. इंदौर नगर निगम के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहर के वार्ड क्रमांक 59 में विकास कार्यों की झड़ी लगा दी है. महापौर ने मुख्यमंत्री नगरीय अधोसंरचना निर्माण योजना के अंतर्गत लगभग 1 करोड़ 31 लाख 62 हजार रुपये की भारी-भरकम लागत से होने वाले हरसिद्धि माता चौराहा एवं संबंधित सड़क विकास कार्यों का विधिवत मंत्रोच्चार के बीच भूमिपूजन किया.
इस विशेष सुंदरीकरण योजना के अंतर्गत ऐतिहासिक व धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हरसिद्धि माता चौराहा और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र का पूर्ण कायाकल्प किया जाएगा. इस विकास परियोजना के प्रमुख आयामों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:
| विकास कार्य का क्षेत्र | योजना के अंतर्गत प्रस्तावित कार्य | अपेक्षित प्रभाव व लाभ |
| लागत और योजना | ₹1,31,62,000 (मुख्यमंत्री नगरीय अधोसंरचना योजना) | वार्ड क्रमांक 59 के बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण. |
| सुंदरीकरण के आयाम | पेविंग (Pavings) और आकर्षक लैंडस्केपिंग (Landscaping) | चौराहे के आसपास हरित क्षेत्र और पैदल यात्रियों के लिए सुगम मार्ग. |
| आधुनिक सुविधाएं | आधुनिक हाई-मास्ट प्रकाश व्यवस्था और आकर्षक स्ट्रीट फर्नीचर | रात्रि के समय सुरक्षा, दृश्यता और पर्यटकों के बैठने की उत्तम व्यवस्था. |
| नागरिक इनपुट | क्षेत्रीय पार्षद रूपाली पेंढ़ारकर एवं कंचन गिदवानी की उपस्थिति | स्थानीय जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप सिविल कार्यों का संपादन. |
भूमिपूजन के इस गरिमापूर्ण अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद रूपाली पेंढ़ारकर, पार्षद कंचन गिदवानी सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद थे. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस अवसर पर कहा कि इस सिविल कार्य के पूर्ण होने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से इंदौर के इस महत्वपूर्ण स्थल का स्वरूप पहले से कहीं अधिक भव्य, अलौकिक और आकर्षक बनकर उभरेगा.
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