14 हजार का किराना खरीदकर दुकानदार को दिखाया फर्जी UPI पेमेंट मैसेज, आरोपी अंशुल पर FIR दर्ज
जबलपुर में ऑनलाइन धोखाधड़ी के तीन गंभीर मामले सामने आए हैं। पाटन में फर्जी UPI स्क्रीनशॉट से ठगी का प्रयास हुआ, वहीं माढ़ोताल और खमरिया में बैंक खातों से लाखों रुपये पार कर दिए गए।
जबलपुर। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन धोखाधड़ी के तीन गंभीर मामले सामने आए हैं. साइबर ठगों ने कहीं फर्जी स्क्रीनशॉट के जरिए व्यापारी को चूना लगाने की कोशिश की, तो कहीं बिना ओटीपी और लिंक के ही खाते से बड़ी रकम पार कर दी. इन वारदातों के बाद पाटन, माढ़ोताल और खमरिया पुलिस ने मामले दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है.
पाटन के शहपुरा रोड निवासी सिद्धांत नायक एक किराना व्यापारी हैं. शुक्रवार की शाम को एक युवक उनकी दुकान पर पहुंचा. उसने स्वयं को घमापुर निवासी अंशुल कांगले बताते हुए कहा कि उसके घर में 'चौक' का कार्यक्रम होना है. इसके लिए उसने दुकान से लगभग 14 हजार 140 रुपये का किराना सामान खरीदा.
बिल बनते ही उसने ऑनलाइन भुगतान (Online Payment) करने की बात कही. इस पर व्यापारी ने उसे अपना यूपीआई (UPI) मोबाइल नंबर दे दिया. थोड़ी देर बाद अंशुल ने व्यापारी से कहा कि उसने 14,140 रुपये का भुगतान सफलतापूर्वक कर दिया है. उसने अपने मोबाइल पर एक फर्जी यूपीआई भुगतान का स्क्रीनशॉट और मैसेज दिखाकर व्यापारी को गुमराह करने का प्रयास किया.
व्यापारी को जब संदेह हुआ, तो उन्होंने सामान देने से पहले अपने बैंक खाते के स्टेटमेंट की जांच की, जिसमें कोई राशि प्राप्त नहीं हुई थी. बारीकी से देखने पर पता चला कि अंशुल ने जो ऑनलाइन भुगतान का मैसेज दिखाया था, वह किसी मोबाइल ऐप से तैयार किया गया एक कूटरचित (Forged) इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड था. आरोपी बिना भुगतान किए ही सामान लेकर चंपत होना चाहता था. व्यापारी की सूझबूझ से धोखाधड़ी टल गई. आरोपी अंशुल कांगले के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.
दूसरा मामला माढ़ोताल थाना क्षेत्र का है, जहां ग्राम औरिया निवासी अजीत केवट के साथ एक अज्ञात शातिर ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया. अजीत का विजय नगर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में खाता है.
हैरानी की बात यह है कि यह राशि 3 जुलाई को ही अजीत के खाते से यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर कर ली गई थी, जबकि पीड़ित ने न तो किसी को अपना ओटीपी (OTP) साझा किया था और न ही मोबाइल पर आए किसी संदिग्ध ऑनलाइन लिंक पर क्लिक किया था. पुलिस इस रहस्यमयी तकनीकी सेंधमारी की जांच कर रही है.
तीसरा मामला खमरिया थाना क्षेत्र से सामने आया है. यहाँ मटामर निवासी हेमंत रजक आयुध निर्माणी खमरिया (OFK) में डीबीडब्ल्यू (DBW) के पद पर कार्यरत हैं. उनका सिविल लाइंस स्थित एचडीएफसी (HDFC) बैंक की शाखा में सैलरी अकाउंट है.
अज्ञात साइबर अपराधियों ने हेमंत रजक का मोबाइल फोन हैक कर लिया और उनके बैंक खाते तक अनधिकृत पहुंच बना ली. बदमाशों ने तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 1 लाख 91 हजार 50 रुपये की बड़ी रकम खाते से साफ कर दी. जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने यह राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की है, जिनके खाताधारकों के नाम 'राजविंदर कौर' और 'रिजवान' सामने आए हैं. पुलिस इन संदिग्ध बैंक खातों के पते और उनके धारकों का पता लगाने में जुट गई है.
जबलपुर में हुई इन तीनों साइबर घटनाओं के प्रकार, प्रभावित क्षेत्र और ठगी गई राशि को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:
| थाना क्षेत्र | पीड़ित व्यक्ति / व्यवसाय | ठगी का तरीका (Modus Operandi) | ठगी गई / प्रभावित राशि | वर्तमान पुलिस कार्रवाई |
| पाटन | सिद्धांत नायक (किराना व्यापारी) | मोबाइल ऐप द्वारा फर्जी यूपीआई रसीद/स्क्रीनशॉट दिखाना. | ₹14,140 (सामान चोरी होने से बचा) | आरोपी अंशुल कांगले पर BNS व IT एक्ट में केस दर्ज. |
| माढ़ोताल | अजीत केवट (ग्रामीण) | बिना ओटीपी/लिंक के यूपीआई के जरिए अवैध निकासी. | ₹29,999 (मृत्यु क्षतिपूर्ति राशि से) | अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज, तकनीकी जांच जारी. |
| खमरिया | हेमंत रजक (OFK कर्मचारी) | मोबाइल हैकिंग के जरिए सैलरी अकाउंट से 3 बार में ट्रांसफर. | ₹1,91,050 (राजविंदर व रिजवान के खातों |
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