पेपर लीक मामले में अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का आरोप, देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक और प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने जबरन हटा दिया है। छात्र संगठनों ने इस कार्रवाई को तानाशाही बताते हुए पीएम मोदी से इस्तीफे की मांग की है।
नई दिल्ली। देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े सियासी घमासान का केंद्र बन गया है. शनिवार की सुबह दिल्ली पुलिस ने पिछले 21 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और उनके सहयोगी छात्रों को धरनास्थल से जबरदस्ती हटा दिया. पुलिस की इस आकस्मिक कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार को सीधे निशाने पर लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की है.
शनिवार तड़के जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और पिछले 28 जून से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरदस्ती वहां से हटा दिया गया. दिल्ली पुलिस के इस कड़े एक्शन के बाद धरनास्थल पर मौजूद छात्र प्रदर्शनकारियों और कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर नाराजगी जाहिर की और सरकार विरोधी नारेबाजी की.
इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठनों की तरफ से मांग की जा रही थी कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले पेपर लीक मामलों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ देना चाहिए. अब इस विवाद में सीधे प्रधानमंत्री से भी इस्तीफे की मांग की जाने लगी है, जिसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर "मोदी मस्ट रिजाइन" ट्रेंड कराया जा रहा है.
दरअसल, देश में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हुए कथित पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ यह छात्रों का आक्रोश अब दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंच चुका है. यहाँ आंदोलन कर रहे देश भर के छात्रों के साथ एकजुटता दिखाते हुए सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से लगातार अन्न-जल त्याग कर भूख हड़ताल पर थे. इस लंबे अनशन के कारण उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही थी और उनकी तबीयत काफी नासाज हो गई थी.
इस मामले में कोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए कहा था कि किसी भी कीमत पर अनशनकारी के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा की जानी चाहिए. हाई कोर्ट के इसी निर्देश का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने शनिवार को धरनास्थल खाली कराया और प्रशासन का दावा है कि वांगचुक को उचित इलाज के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. हालांकि, उनके हटाए जाने के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजी दीपके खुद अनशन पर बैठ गए हैं.
आंदोलन की वर्तमान स्थिति और प्रमुख घटनाक्रम को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:
सीजेपी के प्रमुख अभिजी दीपके ने पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे सोनम वांगचुक को इस तरह से धरनास्थल से उठाना पूरी तरह 'तानाशाही' है, जिसका पुरजोर विरोध किया जाना बेहद जरूरी है.
संगठन के अनुसार, इस आंदोलन को दबाने के बजाय सरकार को युवाओं के रोजगार और परीक्षा प्रणाली की शुचिता पर ध्यान देना चाहिए. आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे और आने वाले दिनों में देश के सभी राज्यों में शांतिपूर्ण तरीके से इस विरोध प्रदर्शन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा.
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)