तीरंदाजी के बाद अब योग का हब बनेगा जबलपुर, प्रतिभाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा मौका
जबलपुर को मध्य प्रदेश की पहली योगासन अकादमी मिलने की संभावना प्रबल है। शहर की समृद्ध योग परंपरा और खिलाड़ियों के विश्व स्तरीय प्रदर्शन को देखते हुए खेल विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर को बहुत जल्द मध्य प्रदेश की पहली 'योगासन अकादमी' मिलने की प्रबल संभावना है। राज्य सरकार और खेल एवं युवा कल्याण विभाग इस दिशा में सक्रिय रूप से विचार कर रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल शहर की समृद्ध योग परंपरा को वैश्विक मंच प्रदान करना है, बल्कि युवाओं को पेशेवर स्तर पर प्रशिक्षित कर भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करना है।
जबलपुर में योग का माहौल पहले से ही अत्यंत सकारात्मक और मजबूत है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे अवसरों पर शहर के गैरीसन ग्राउंड जैसे प्रमुख स्थानों पर विशाल सामूहिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जो यहां की योग संस्कृति को दर्शाता है। अकादमी के प्रस्ताव को बल मिलने का मुख्य कारण यह है कि विश्व योगासन स्पर्धाओं में भारत के लिए स्वर्णिम प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ी इसी शहर ने दिए हैं, जिन्होंने अपने स्थानीय योग केंद्रों में कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अहमदाबाद में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बाद, केंद्रीय खेल विभाग भी जबलपुर को यह अकादमी देकर नए प्रतिभाशाली खिलाड़ी तैयार करने की दिशा में गंभीर है।
यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि मध्य प्रदेश योगासना संघ का मुख्यालय भी जबलपुर से ही संचालित होता है। संघ के महासचिव दिनेश सिंह ठाकुर का मानना है कि यदि शहर में अकादमी खुलने का रास्ता साफ होता है, तो प्रदेश की तमाम छिपी हुई प्रतिभाओं को एक ही छत के नीचे विश्व स्तरीय प्रशिक्षण मिलना संभव हो पाएगा, जो योगासन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
मध्य प्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत वर्तमान में पूरे प्रदेश में कुल 18 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं, जहाँ खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं दी जाती हैं। जबलपुर के लिए यह गर्व की बात है कि 2015 में यहाँ 'राज्य तीरंदाजी अकादमी' की स्थापना की गई थी। तीरंदाजी अकादमी की सफलता के बाद से ही योगासन को केंद्रबिंदु मानकर नई अकादमी शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। वर्तमान में राज्य तीरंदाजी अकादमी में 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 48 बालक-बालिका धनुर्धर (24-24) निरंतर अभ्यास कर रहे हैं।
विभिन्न खेल अकादमियों में चयन के लिए खेल विभाग द्वारा 'टैलेंट सर्च 2026-27' अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से एथलेटिक्स, हॉकी, कुश्ती, बॉक्सिंग और शूटिंग सहित 21 खेलों में उभरती हुई प्रतिभाओं को तलाशा जा रहा है। साथ ही, जबलपुर में स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) का क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र भी खिलाड़ियों के लिए वरदान बना हुआ है।
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