Chhindwara News: पूर्व सांसद नकुलनाथ का बड़ा आरोप, कहा- गोदामों से गायब हो रही किसानों की खाद
छिंदवाड़ा में खाद की कालाबाजारी और गोदामों से खाद गायब होने पर नकुलनाथ का तीखा हमला। किसानों को हो रही भारी परेशानी।
छिंदवाड़ा। पूर्व सांसद नकुलनाथ ने छिंदवाड़ा में खाद की किल्लत और उसकी कालाबाजारी को लेकर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर किसानों के लिए जटिल नियम बनाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से खाद गोदामों से ही गायब हो रही है। उन्होंने खाद की इस हेराफेरी को एक बड़े भ्रष्टाचार का हिस्सा बताया है।
💰 किसानों की लूट और बढ़ते दाम
नकुलनाथ ने कहा कि सरकार ने हाल ही में खाद के दामों में भारी वृद्धि की है। पोटाश के दाम 1800 से बढ़कर 1975 रुपये और एनपीके के दाम 1900 से बढ़कर 2450 रुपये प्रति बोरी तक पहुँच गए हैं। ऐसे में जब किसान नकद पैसे लेकर खाद लेने जाता है, तो उसे बाजार में लुटने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना राजनीतिक संरक्षण के लाखों रुपये की खाद का गोदामों से गायब होना संभव नहीं है।
📋 पिछली घटनाओं का दिया हवाला
पूर्व सांसद ने पिछली घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि जिला मुख्यालय की DMO द्वारा बिना ई-टोकन के 30 लाख रुपये की खाद बेचे जाने पर उन्हें निलंबित किया गया था। इसी तरह मेघदौन और चांद की समितियों में भी नियम विरुद्ध खाद बेचने की घटनाएं मिलीभगत का स्पष्ट प्रमाण हैं। नकुलनाथ ने मांग की है कि इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए।
📢 प्रशासन का पक्ष: 'वितरण सुचारू है'
इस मामले में छिंदवाड़ा के डीएमओ (DMO) अंकित गुरनानी ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, ई-टोकन स्टॉक के आधार पर जिले की सभी दुकानों से किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान ई-टोकन जनरेट करके आसानी से खाद ले रहे हैं और वितरण प्रणाली में कहीं कोई समस्या नहीं है।
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