मंडला के खटोला गांव में तेंदुए का सफल रेस्क्यू; प्राथमिक उपचार के बाद जंगल में छोड़ा गया

मध्य प्रदेश के मंडला जिले के ग्राम खटोला में ग्रामीण के घर में घुसे तेंदुए का कान्हा टाइगर रिजर्व की टीम ने सफल रेस्क्यू किया। तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर प्राथमिक उपचार दिया गया और सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।

Jul 24, 2026 - 19:28
0
मंडला के खटोला गांव में तेंदुए का सफल रेस्क्यू; प्राथमिक उपचार के बाद जंगल में छोड़ा गया

मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले के बिछिया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खटोला में सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ग्रामीण के सूने घर में अचानक एक तेंदुआ घुस आया. आहट मिलते ही ग्रामीण ने घर के बाहर निकलकर शोर मचाना शुरू कर दिया. राहत की बात यह रही कि उस समय घर के अंदर परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था.

जैसे ही आसपास के ग्रामीणों ने शोर सुना, वे मौके की ओर दौड़े. हालांकि, घर के भीतर तेंदुए के होने की खबर मिलते ही सभी ने सूझबूझ दिखाते हुए सुरक्षित दूरी बना ली और तत्काल इसकी सूचना कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन को दी.

आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ पालतू मवेशियों के शिकार की तलाश में देर रात ही जंगल से भटककर रिहायशी इलाके में पहुंच गया होगा. सुबह उजाला होने और ग्रामीणों का शोर-शराबा सुनने के बाद खुद को बचाने के लिए वह एकांत में बने मकान में शरण लेने चला गया. ग्रामीणों द्वारा दिखाई गई सतर्कता के कारण कोई जनहानि नहीं हुई.

प्रभावित गांव कान्हा टाइगर रिजर्व के बफर जोन परिक्षेत्र सिझोरा के अंतर्गत आता है. सूचना मिलते ही परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक दुबे के नेतृत्व में वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची.

इसके बाद सहायक संचालक (सिझोरा) आशीष कुमार पाण्डेय और वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल भी दल-बल के साथ पहुंचे. क्षेत्र संचालक रवींद्र मणि त्रिपाठी एवं उपसंचालक (बफर) अमिता के. बी. की देखरेख में सुनियोजित रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया. विशेषज्ञ टीम ने तेंदुए को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर सुरक्षित तरीके से घर से बाहर निकाला. इस दौरान पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों की भीड़ को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई.

रेस्क्यू ऑपरेशन से संबंधित मुख्य बिंदुओं का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

विवरण / पहलू जानकारी व वर्तमान स्थिति
घटनास्थल ग्राम खटोला, बिछिया (सिझोरा बफर जोन, मंडला)
संबंधित पार्क कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve)
रेस्क्यू विधि ट्रेंकुलाइज (बेहोशी का इंजेक्शन देकर)
स्वास्थ्य स्थिति शरीर पर हल्की खरोंचें (प्राथमिक उपचार दिया गया)
वर्तमान स्थिति मुक्की वन्यजीव चिकित्सालय से उपचार के बाद जंगल में पुनर्वास

रेस्क्यू के बाद जांच करने पर तेंदुए के शरीर पर खरोंच और चोट के हल्के निशान पाए गए. कान्हा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया, "स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान तेंदुए के शरीर पर हल्की खरोंचें देखी गईं, जिसके बाद मौके पर ही उसका प्राथमिक उपचार किया गया." इसके बाद तेंदुए को विस्तृत चिकित्सा जांच के लिए मुक्की वन्यजीव चिकित्सालय ले जाया गया.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User