नीमच में हेलीकॉप्टर मांगने वाले किसानों को मिली राहत, प्रशासन ने खुलवाया खेत का रास्ता
नीमच में खेत का रास्ता बंद होने पर गले में हेलीकॉप्टर की माला पहनकर प्रदर्शन करने वाले किसानों को बड़ी राहत मिली है। प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश पर रास्ता खुलवा दिया है।
नीमच: बीते 12 जुलाई को जिला कलेक्ट्रेट परिसर में एक अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला था, जहां जीरन तहसील के ग्राम पालसोड़ा निवासी दो किसान भाई अपने गले में प्लास्टिक के हेलीकॉप्टर की माला पहनकर अधिकारियों के सामने पहुंचे थे। किसानों ने अधिकारियों से शिकायत करते हुए कहा था कि कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा उनके खेत में जाने का रास्ता बंद कर दिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि खेत में जाने के लिए उन्हें हेलीकॉप्टर दे दीजिए। इसके बाद प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
🚁 हेलीकॉप्टर की मांग मामले में बड़ी कार्रवाई
पीड़ित किसान रामलाल शर्मा और उनके भाई रमेश चंद्र शर्मा की शिकायत पर कलेक्टर हिमांशु चंद्र ने संज्ञान लेते हुए राजस्व विभाग को मामले में कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया था। जिसके बाद जीरन तहसीलदार शत्रुघ्न चतुर्वेदी ने 13 जुलाई को मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति का जायजा लिया।
🚜 राजस्व टीम की कार्रवाई
शुक्रवार (24 जुलाई) को राजस्व विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और संबंधित पक्षों से चर्चा की। इसके बाद आवश्यक राजस्व प्रक्रिया पूर्ण करते हुए रास्ते से अवरोध हटवाकर किसानों के खेत तक रास्ता शुरू कराया। रास्ता खुलने पर किसान रमेशचंद्र शर्मा और रामलाल शर्मा ने जिला प्रशासन और राजस्व विभाग का आभार व्यक्त करते हुए त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
⚖️ हाईकोर्ट से मिली राहत
जीरन तहसीलदार शत्रुघ्न चतुर्वेदी ने बताया, "पीड़ित द्वारा रास्ते के लिए तहसील में आवेदन दिया गया था, जिसको देखते हुए पूर्व तहसीलदार/एसडीएम कोर्ट द्वारा रास्ता खुलवाने के लिए आदेश किया गया था, लेकिन विरोधी पक्ष ने एडीएम कोर्ट से तहसीलदार के आदेश को खारिज करवा दिया था। जिसके चलते रास्ते के अभाव में 7 बीघा खेत में बुआई नहीं की गई थी। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने एडीएम के ऑर्डर के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट से स्टे ऑर्डर लाया गया था। इसी का पालन करते हुए फिलहाल रास्ता खुलवाया गया है।"
पीड़ित जनसुनवाई में भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे। जीरन के तहसीलदार ने कहा कि रास्ते को खुलवाने के लिए तहसीलदार कोर्ट ने आर्डर किया था। प्रकरण पूरा हाई कोर्ट में विचाराधीन है। अभी रास्ता खुलवा दिया गया है, लेकिन आगे के लिए हाईकोर्ट क्या निर्णय देता है, यह बाद का विषय है। हाईकोर्ट तहसीलदार के आदेश को यथावत रखने का आदेश करता है या एडीएम के आदेश को, यह कोर्ट का मामला है।
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